पूजा
Success Story: दिल में अगर कुछ करने का जज्बा हो तो रास्ते भी आसान हो जाते हैं। किसी ने साच कहा है, अपने लक्ष्य को पानें के लिए हम कितनी मेहनत करते है, ये जरूरी भी है। क्योंकि बहाने तो हर कोई बनाता है। ऐसे ही नामुमकिन को मुकिन कर दिखाया है। आईएएस श्वेता भारती की इस कहानी नें हालांकि सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के मन में अक्सर कई परेशानियों और ठीक से तैयारी ना कर पाने को लेकर कई सारे बहाने होते है, मुझे पूरा समय नहीं मिल पाता, मेरे पास सुविधाएं नहीं है, मेरे पास कोचिंग के पैसे नही है। लेकिन जब एक बार सच में सफल होने की बात ठान ली जाए तो कुछ भी नामुमकिन भी नहीं रह जाता। इसी दौरान बिहार की रहने वाली श्वेता भारती जो 9 घंटे की प्राइवेट जॉब करते हुए यूपीएससी की तैयारी की और IAS का पद हासिल करने तक हार नहीं मानी आखिरकार श्वेता भारती की मेहनत रंग लाई।
यूपीएससी सबसे मुश्किल चैलेंज
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत में सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। इसको पास करने के लिए सिर्फ मेहनत ही नहीं बल्कि बहुत लगन और धैर्य की जरूरत होती है। यूपीएससी की परीक्षा के लिए हर साल हजारों स्टूडेंट्स आते है। लेकिन कुछ ही चुनिंदा लोग फाइनल लिस्ट में जगह बना पाते हैं, श्वेता भारती उन चुनिंदा छात्रों में से एक हैं। उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन रात एक कर के अपनी सफलता हासिल की।
विप्रो में 9 घंटे काम करती थी श्वेता भारती
श्वेता भारती बिहार के एक छोटे से गांव की रहने वाली है, जो इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद नौकरी कर रही थी लेकिन उन्हें हमेशा से आईएएस बनने का सपना देखा था। हालांकि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं थी इसलिए उन्हें नौकरी करनी पड़ी लेकिन नौकरी के साथ उन्होंने कभी भी अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। आपको पता होगा की यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा जैसी मुश्किल परीक्षा की तैयारी करते हुए लोग अक्सर 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते हैं। कई बार तो एक्सपर्ट्स भी यही सलाह देते हैं। लेकिन बिहार की श्वेता भारती ने इस बात को गलत साबित कर दिया। उन्होंने प्राइवेट सेक्टर कंपनी विप्रो में 9 घंटे की नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की।
पढ़ाई में हमेशा टॉप करती थी श्वेता
बिहार के नालंदा जिले के राजगीर बाजार की रहने वाली श्वेता भारती ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई पटना के ईशान इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल से की। और वे बचपन से ही हमेशा अपनी क्लास में टॉप करती थी। इसके बाद श्वेता ने भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल एंड टेलीकम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। डिग्री पूरी करने के बाद उन्हें भारत के मशहूर टेक्नोलॉजी कंपनी विप्रो में नौकरी मिली। जहां उन्होंने काम करना शुरू कर दिया। विप्रो में काम करते हुए भी श्वेता भारती सिविल सर्विस में जाना चाहती थीं। लेकिन परिवार की जिम्मेदारी की वजह से वह नौकरी नहीं छोड़ना चाहती थीं। उन्होंने काम और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाया। वह दिन में काम करती थीं और शाम और रात में पढ़ाई करती रहीं।
सोशल मीडिया और फोन को अलविदा कहा
श्वेता भारती मानती है कि नौकरी और सिविल सर्विस की तैयारी करना ये दोनों काम एक साथ करना मश्किल है। उसके बावजूद भी उन्होंने मेहनत की और इसी दौरान श्वेता ने सोशल मीडिया, ऑनलाइन चेट ग्रुप्स से दूरी बना ली। एक समय तो उन्होंने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना भी छोड़ दिया। इससे उन्हें परेशानी होने लगी जॉब करते हुए लेकिन पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय निकालने का मौका मिला।
ये भी पढ़े…
हॉस्पिटैलिटी में है रुचि तो 12 वीं के बाद करें होटल मैनेजमेंट का कोर्स
बीपीएससी पास करके पहली सरकारी नौकरी मिली
साल 2020 में श्वेता भारती ने बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन यानी (बीपीएससी) की 65वीं परीक्षा में 65वां स्थान हासिल करने के साथ डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर यानी (डीपीओ) की सरकारी नौकरी पा ली। (बीपीएससी) परीक्षा पास करने के बाद भी उन्होंने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी जारी रखी।
अब बनी आईएएस श्वेता भारती
आखिरकार, काफी मेहनत के बाद साल 2021 में श्वेता ने यूपीएससी परीक्षा पास करते हुए 356 वा रैंक हासिल किया। 2021 बैच की आईएएस अफसर श्वेता भारती अभी भागलपुर, बिहार में असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर काम कर रही हैं।



