
चंडीगढ़: पंजाब के बाद अब राजस्थान में भी पाकिस्तान से सटे बॉर्डर के करीब गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह से कट चुकी है। अधिकारियों की तरफ से इस बात की पुष्टि की गई है। दरअसल, 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति है। कुछ दिनों पहले पंजाब में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के अधिकारियों की तरफ से बॉर्डर से सटे गांवों में किसानों से फसल काटने के आदेश दिए गए थे।
चार राज्यों में है बॉर्डर
सरकारी अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि भारतीय किसानों ने पंजाब और राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में गेहूं की कटाई पूरी कर ली है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा, ‘गेहूं की फसल अब तक कट चुकी है।’ उन्होंने यह बात उस समय कही जब उनसे बॉर्डर के पास कटाई की स्थिति के बारे में पूछा गया। भारत और पाकिस्तान के बीच 3,130 किलोमीटर लंबा अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर (आईबी) है। यह बॉर्डर गुजरात, राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से होकर गुजरता है।
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फसल का डेटा उपलब्ध नहीं
बॉर्डर के करीब इलाकों से कितना गेहूं काटा गया है। इसकी कुल मात्रा के बारे में कोई अलग से डेटा उपलब्ध नहीं है। हालांकि कृषि आयुक्त प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि पंजाब में बाकी राज्यों की तुलना में सीमा के पास गेहूं की खेती के तहत काफी क्षेत्र है। सिंह ने बताया, ‘किसानों ने फसल काट ली है। इस बार पैदावार बेहतर है।’ राजस्थान में गेहूं की खेती मुख्य तौर पर सीमा के पास गंगानगर जिले में हनुमानगढ़ और जैसलमेर के साथ होती है।
क्यों हुई तेजी से कटाई
राजस्थान सरकार के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि किसानों ने अपनी फसल पूरी तरह से काट ली है। सूत्रों ने बताया कि 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के कारण इन सीमावर्ती राज्यों में गेहूं किसानों को कटाई में तेजी लाने के लिए कहा गया था। इंटरनेशनल बॉर्डर पर सुरक्षा स्थिति के जवाब में अधिकारियों द्वारा उठाए गए एहतियाती उपायों के तहत जल्दी कटाई का निर्देश दिया गया था।


