राजस्थान में एक युवक की दो सगी बहनों से विवाह का अनोखा मामला सामने आया है। यह मामला राजस्थान के टोंक जिले का है। जहां रिशता पक्का करने आए वर के समक्ष लड़की ने रखी ऐसी शर्त, जिसे सुनकर सब हैरान रह गए। लड़की ने कहा कि शादी के बाद वह अपनी छोटी बहन को साथ रखेगी। शुरुआत में शर्त सुनकर लड़के वाले हैरान हो गए. लेकिन फिर बाद में दोनों बहनों के स्नेह को देखते हुए शादी के लिए हामी भर दी।
राजस्थान के टोंक जिले में एक युवक का दो लड़कियों से शादी का आनोखा मामला सामने आया है। टोंक के हरिओम मीणा नामक युवक का विवाह दो बहनों के साथ इस तरह हुआ कि वह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। यह विवाह इस मायने में खास है कि विवाह के बकायदा निमंत्रण पत्र छापे और बांटे गए। साथ ही हरिओम का पूरा परिवार, दोस्त और समाज के लोग इस अनूठे विवाह में शामिल भी हुए।
दरसल, यह मामला उनियारा प्रखंड के मोरझाला गांव का है। यहां के निवासी हरिओम ने बताया कि परिवार के लोग उनके विवाह के लिए लड़की खोज रहे थे। इसी दौरान निवाई उपखंड के सीदड़ा गांव के निवासी बाबूलाल मीणा की बेटी कांता से रिश्ते की बात चली।
इसके पश्चात युवक का परिवार लड़की देखने सीड़दा गया, तो युवती ने एक अनोखी शर्त सामने रखी। कांता ने कहा कि वह उसी युवक से शादी करेगी, जो हम दोनों बहनों से विवाह करेंगा। वह अपनी छोटी और मानसिक रुप से कमजोर बहन समुन से बेहद स्नेह रखती है।
हरिओम ने बताया कि एक बार तो वह शर्त सुनकर हैरान रह गए। लेकिन जब कांता ने कहा कि वह अपनी छोटी बहन सुमन की देखभाल ज़िंदगी भर करना चाहती है तो उन्हें दोनों बहनों के अटूट प्रेम का अहसास हो गया। फिर युवक के परिवार ने इस विवाह के लिए हामी भर दी।
लोगों को बांटे गए विवाह निमंत्रण पत्र
बीती 5 मई को संपन्न हुए इस अनोखे विवाह को हरिओम के परिवार ने बड़ी धूम-धाम से आयोजित किया। बकायदा कार्ड छपवाकर बंटवाए गए। वधू के रुप में दोनों बहनों ने विवाह मंडप में हरिओम के साथ अग्नि के समक्ष साथ फेरे लिए। हरिओम की पत्नी बनीं दोनों नवविवाहिताओं का ससुराल में पूरे रीति-रिवाजों के साथ गृह प्रवेश कराया गया और अन्य रस्में संपन्न की गई।
हरिओम ने बताया कि वह स्वयं प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी पत्नी कांता ने उर्दू से B.ED किया है। वहीं कांता की छोटी बहन और हरिओम की दूसरी पत्नी सुमन मानसिक रुप से कमजोर होने के कारण 8वीं तक ही पढ़ पाई थी।
बड़ी बहन ने उर्दू से की है B.ED वहीं छोटी बहन है 8वीं पास
कांता की छोटी बहन मानसिक रुप से कमजोर है। जिस वजह से कांता अपनी बहन के साथ हमेशा साए की तरह रहती है। वह नहीं चाहती थी कि उनकी बहन का विवाह कहीं ओर हो और उसे उपहास का सामना करना पड़े। कांता ने पहले ही सोच रखा था कि वह उसी शख्स से विवाह करेंगी, जो हम दोनों बहनों से एक साथ विवाह करेंगा और हरिओम ऐसा करने को राजी हो गए।
‘छोटी बहन को नहीं छोड़ सकती थी’
हरिओम ने बताया की जब उसने दोस्तों को इस विवाह के बारे में बताया तो किसी ने सोच समझकर फैसला लेने की सलाह दी। वहीं कईयों ने उनका मजाक उड़ाया। लेकिन अब सभी लोग हरिओम और उनके परिवार के कदम की तारीफ कर रहे हैं।
नवविवाहित दूल्हे का कहना है कि वह अपनी पत्नियों को इस तरह रखेगा कि उन्हें कभी किसी तरह का दुख न पहुंचे और दोनों का आपसी प्रेम यू हीं बना रहे।

