पूजा
Skin care tips: चेहरे पर पिम्पल्स हों तो कुछ भी करने को जी नहीं चाहता है। मेकअप तो बिलकुल भी नहीं। क्योंकि रिएक्शन हो सकता है। यही ख्याल दिन भर दिमाग में घूमता रहता है। मुंहासों के बीच ना तो ग्लॉस ही नजर आता और न ही रूज व फाउंडेशन का मजा रह जाता है। यह सभी चीजें चेहरे को रूखा और बेजान कर देती हैं। यकीन मानिए पिम्पल्स का उपाय केवल एक ही है, और वो है घरेलू उपाय बाहर आप इसके ट्रीटमेंट के लिए जाएंगे तो हजारों पैसे खर्च होंगे। बावजूद इसके पिम्पल्स ठीक होने की गारंटी भी नही है। बेहतर होगा कि आप घर पर ही रहकर और कई चीजों से ही पिम्पल्स का उपाय किया जा सकता है।
मुंहासे क्यों होते हैं
मुंहासे तब होते हैं जब स्किन के नीचे तेल ग्रंथियों से जुड़े स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं। पोर्स का बंद होना डेड स्किन सेल्स और बैक्टीरिया को विकसित करता है। जिसकी कारण मुंह में सूजन और मुंहासे होते हैं। कई बार आपके हार्मोन्स, आनुवंशिकी और तनाव भी इनके होने का एक कारण बनते हैं।
मुंहासे कितने प्रकार के होते हैं
मुंहासे दो प्रकार के होते हैं। व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स। व्हाइटहेड्स भरे हुए पोर्स होते हैं जो बंद हो जाते हैं। लेकिन स्किन से बाहर आराम से निकल जाते हैं। वे चेहरे पर सफ़ेद धब्बों के रूप में दिखाई देते हैं। ब्लैकहेड्स ये भरे हुए छिद्र होते हैं जो खुले रहते हैं, और इसमें बाहरी गंदगी जमा हो जाती है। जो स्किन पर छोटे काले धब्बों के रूप में दिखाई देती है।
टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल
टी ट्री ऑयल एक प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी है। जो मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मार सकता है। टी ट्री ऑयल में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मुंहासों की सूजन और लालिमा को कम करने में भी मदद कर सकता है। टी ट्री ऑयल के एंटीबैक्टीरियल क्षमताओं के कारण लोगों में मुंहासों को कम कर सकते हैं।
ये भी पढ़े…
खीरे के रस में इस चीज को मिलाकर बनाएं नेचुरल फेस पैक, निखर जाएगा चेहरा
ग्रीन टी का इस्तेमाल
मुंहासे वाले लोगों के रोमछिद्रों में बहुत अधिक सीबम या प्राकृतिक शरीर के तेल होते हैं और पर्याप्त एंटीऑक्सीडेंट नहीं होते। ऐसे में एक्ने से छुटकारा दिलाने के लिए ग्रीन टी का इस्तेमाल करें। इसमें कैटेचिन नामक पॉलीफेनोल एंटीऑक्सीडेंट होती है जो अपशिष्ट उत्पादों को तोड़ने में मदद करते हैं जो स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
एलोवेरा
एलोवेरा में मौजूद प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है। ये मुंहासों को कम कर सकता है। और उपचार के दौरान मुंहासों को निकलने से रोक सकता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि मास्क के साथ एलोवेरा का इस्तेमाल करने पर धक्कों, घावों और शुष्क त्वचा की संख्या कम हो गई।



