पुणे में दिनदहाड़े बस में 26 साल की युवती से दरिंदगी, कुकर्मी ने 75 घंटे तक पुलिस को दिया चकमा

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वर्षा वर्मा

 

Pune Rape Case:  महाराष्ट्र के पुणे स्थित स्वारगेट बस स्टेशन पर 26 वर्षीय महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर दत्तात्रेय गाडे की खोज तीन दिन से ज्यादा समय तक की। इसके बाद ही उसे मामले में सफलता मिली।

सतारा जा रही 26 वर्षीय युवती से दुष्कर्म की घटना
पुणे का यह दुष्कर्म कांड 25 फरवरी की सुबह का है। आरोपी दत्तात्रेय गाडे ने स्वारगेट बस अड्डे के अंदर खड़ी राज्य परिवहन की बस में 26 साल की एक महिला के साथ दुष्कर्म किया था।

घटना के बाद क्या-क्या हुआ?
पुलिस के मुताबिक, मारपीट और दुष्कर्म की घटना के बाद युवती घबराई हुई थी। वह अपने गृहनगर जाने के लिए बस में सवार हुई और इसी दौरान उसने घटना का जिक्र फोन पर अपनी सहेली से किया। इसके बाद सहेली ने उसे पुलिस के पास जाने की सलाह दी, जिसे मानते हुए पीड़िता पुलिस स्टेशन पहुंची।

 

मामले में राजनीतिक दलों की एंट्री
दुष्कर्म की घटना की खबरें सामने आने के बाद महाराष्ट्र में विपक्षी दलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए। स्वारगेट बस डिपो के बाहर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता जुड़े। स्वारगेट पर शिवसेना-उद्धवव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के नेताओं महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के दफ्तर में तोड़फोड़ कर दी। महाराष्ट्र में विपक्ष और कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार ने महायुति सरकार की आलोचना की। इतना ही नहीं राकांपा-शरद चंद्र पवार (राकांपा-एसपी) की सांसद और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने दावा किया कि घटना पुलिस स्टेशन के पास एक व्यस्त इलाके में हुई। उन्होंने कहा कि इसका साफ मतलब है कि अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं है।

 

सरकार ने मामले पर क्या कहा?

  •  विपक्ष के प्रदर्शनों के बाद पुणे के सांसद मुरलीधर मोहोल, जो कि केंद्रीय मंत्री भी हैं। ने आरोपी की तुरंत         गिरफ्तारी की मांग उठाई। उन्होंने इस मुद्दे पर पुणे के पुलिस कमिश्नर से बात की।
  • इसके बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पुलिस कमिश्नर को इस मामले को निजी तौर पर देखने के लिए कहा। वहीं डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि ऐसे मामले में दोषियों को फांसी दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मामले पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
  • इस बीच महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने अचानक ही छत्रपति संभाजी नगर के एक बस स्टैंड का दौरा किया। यहां उन्हें कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखा। इसके बाद उन्होंने मामले में पुलिस कमिश्नर से बात की।

पुलिस ने मामले में कैसे एक्शन लिया?
पुलिस उपायुक्त स्मार्टाना पाटिल के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज जांचे। एक मौके पर महिला को आरोपी के साथ बस की ओर जाती देखा जा सकता है। पुलिस ने इसी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसमें यह भी पाया गया कि घटना के वक्त बस अड्डे पर कई और बसें और लोग भी मौजूद थे।

 

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आरोपी के बारे में क्या-क्या सामने आया?
दुष्कर्म कांड के आरोपी दत्तात्रेय गाडे की उम्र 37 वर्ष बताई गई है। वह शिरूर के गुणत गांव का रहने वाला है। उसके परिवार में उसकी पत्नी, बेटा, भाई और माता-पिता हैं। गाडे पर पुणे, शिरूर और अहिल्यानगर जिलों में चोरी, डकैती और चेन स्नैचिंग के छह मामले दर्ज हैं। 2019 में उसने एक चार-पहिया वाहन खरीदने के लिए कर्ज लिया था। गाडे अपनी इस गाड़ी को पुणे-अहिल्यानगर रूट पर टैक्सी की तरह चलाता था।

बताया जाता है कि इस दौरान भी उसके अपराधों का सिलसिला जारी रहा था। उसने 2019 में एक बुजुर्ग महिला को लिफ्ट देने के बहाने निशाना बनाया और चाकू के बल पर उनकी ज्वैलरी लूट कर जहां-तहां छोड़ दिया। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। तब पुलिस ने उसके पास से 140 ग्राम सोना बरामद किया था। हालांकि, बाद में उसे छोड़ दिया गया। 2020 में उसे चोरी से जुड़े एक मामले में सजा हुई थी। जहां उसे पांच से छह महीने जेल में रखा गया। हालांकि, इस केस में भी पुलिस ने उसे छोड़ दिया। उस पर अब भी कई केस दर्ज हैं। जिनमें कार्रवाई होना बाकी है।

सूत्रों के मुताबिक, दत्तात्रेय गाडे राजनीतिक तौर पर भी सक्रिय था और एक बड़े राजनीतिक चेहरे से जुड़ा था। उसने हालिया विधानसभा चुनाव में भी उस नेता के लिए प्रचार किया। सोशल मीडिया पर गाडे और उस नेता की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इतना ही नहीं गाडे खुद गुणत गांव से संघर्ष-मुक्ति समिति में चुनाव लड़ चुका था, लेकिन उसे हार मिली थी।

 

पुलिस को चकमा देता रहा आरोपी?
इस बाबत, सीसीटीवी फुटेज में इस घटना से पहले उसे अलग-अलग बस स्टेशनों में घूमते देखा गया था। इस दौरान उसने साफ शर्ट और पैंट पहनी थी। महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम के मुताबिक, गाडे के चोरी और लूट को अंजाम देने का संभवतः यही तरीका (मोडस ऑपरेंडाई) रहा है।

पुणे पुलिस के मुताबिक, करीब 5.30 से 6 बजे के बीच हुई इस घटना को लेकर शिकायत सुबह 9 बजे दर्ज हुई। इन तीन घंटों में आरोपी गाडे अपने गांव तक पहुंचने में सफल हो गया। हालांकि, शिकायत मिलते ही पुलिस एक्शन में आई और बस स्टैंड में लगे सीसीटीवी कैमरों से आरोपी की पहचान कर ली। एक के बाद एक सीसीटीवी फुटेज के जरिए गाडे की लोकेशन ट्रैक की गईं। बताया गया है कि पुलिस से बचने के लिए गाडे ने कई बार सफर के दौरान बसें बदलीं।

 

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पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, गाडे की पहचान का पता चलते ही पुलिस की एक टीम उसके घर पहुंची। यहां उसके परिवारवालों से बात कर के आरोपी के छिप सकने वाली जगहों का पता लगाया गया। इस दौरान उसके रिश्तेदारों और दोस्तों के ठिकानों की भी जानकारी ली गई। हालांकि, वह तीन दिन तक अपने किसी भी संबंधी के घर नहीं गया। इसके चलते पुलिस को उसे ढूंढने में खासी दिक्कतें उठानी पड़ीं।

एक बदली हुई शर्ट ने फंसाया
पुलिस का कहना है कि गाडे गुरुवार रात करीब 10.30 बजे गुणत गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंचा। यहां उसने रिश्तेदारों से पानी की बोतल मांगी और परिवारवालों के सामने कबूल किया- ‘मैंने बड़ी गलती कर दी है और मुझे सरेंडर करना होगा।’ यह सुनने के बाद आरोपी के रिश्तेदारों ने पुलिस को खबर कर दी, जो कि स्निफर डॉग्स और ड्रोन्स लेकर पहुंची।

 

पुलिस को यहां गाडे की बदली हुई शर्ट मिली। इसे स्निफर डॉग्स को सुंघाया गया। डॉग्स इसी गंध के आधार पर गाडे के भाग निकलने के रास्ते पर पहुंचे और एक गन्ने के खेत के पास रुक गए। यहां पर गाडे के एक करीबी रिश्तेदार का भी घर था। आखिरकार पुलिस ने इस स्थान पर पहरा बढ़ा दिया और स्निफर डॉग्स और ड्रोन्स की मदद से खेत में उसकी लोकेशन का पता लगाया। आखिरकार गांववालों की मदद से गाडे को खेत में ही दबोच लिया गया। एसआईटी ने बाद में उसे औपचारिक तौर पर गिरफ्तार किया।

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