मनीष अग्रहरि
उत्तर प्रदेश में इन दिनो चार चरणो मे चलने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 9 अक्टूबर से हो रहे है। पहले एवं दूसरे चरण का चुनाव क्रमशः 9 और 13 अक्टूबर को हुआ था।जिसमे पहले चरण में 63 फीसदी और दूसरे चरण में 65 फीसदी मतदान हुआ थां। जब कि अगले दो चरणो में होने वाले चुनाव क्रमशः 17 अक्टूबर को हुआ तथा 29 अक्टूबर को होने है। अब तक हुए 3 चरणो के चुनाव से यही लगता है कि सूबे मे होे रहे पंचायत चुनाव में आल इज बैड है। पंचायत चुनाव के तीसरे चरण का मतदान छिटपुट घटनाओं के बीच शनिवार देर शाम खत्म हो गया। प्रदेश के छह जिलों को छोड़कर 69 जिलों में हुए मतदान में कुल 63 फीसदी वोट डाले गए। वहीं जिन जिलों में मतदान नहीं हुए उनमें कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, उन्नाव, आगरा और गौतमबुद्धनगर शामिल है। आगरा में राम बारात के चलते और अन्य जिलों में भारत-साउथ अफ्रीका क्रिकेट मैच के कारण मतदान की तारीख आगे बढ़ा दी गई थी। यहां कल यानी 18 अक्टूबर को मतदान डाले जाएंगे।
शनिवार को तीसरे चरण के हुए मतदान में जिला पंचायत सदस्य के 715 पदों के लिए 11873 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। वहीं, क्षेत्र पंचायत के 190 ब्लॉकों में 18016 पदों के लिए 96014 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। 2.65 करोड़ मतदाताओं के लिए 41408 बूथ बनाए गए थे। मतदान में छिटपुट बवाल के बीच बलिया, देवरिया, बस्ती और बदायूं में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए कुछ बूथों पर रीपोलिंग कराई जाएगी।
पहली बात तो यह है कि प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधानो और ग्राम पंचायत सदस्यो का चुनाव बाद मे कराने का निर्णय लिया है। जिससे इस समय ग्राम प्रधानो एवं ग्राम पंचायत सदस्यो को छोड़कर बाकी सारे चुनाव हो रहे है। एैसे समय जब पंचायत चुनावो के 3चरण हो चुके है फिर भी ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य चुनाव कब से होगा तस्वीर साफ नही है क्यो कि इस मुद्दे का मामला अभी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। जिसकी सुनवाई 28 अक्टूबर को है। हलाकि राज्य निर्वाचन आयुक्त 15 दिसम्बर तक प्रधानी और ग्राम पंचायत सदस्य पदो का चुनाव भी करा लेने का दावा कर चुके है।
दूसरा कई फेज में काम करते हुए निर्वाचन आयुक्त एवं प्रशासन ने अंतिम मतदाता सूची जो जारी की है उसमें भारी गड़बड़ी पायी गयी प्रदेश के विभिन्न जनपदो से मुरदो के भी नाम शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है। अनेको स्थान पर तो कई लोगो के बड़े पैमाने पर नाम भी गायब है। इसी क्रम में एक पूर्व केन्दªीय मंत्री का नाम भी सामने आया है। सिलसिला यही नही खत्म होता सभी चरणो में भारी गड़बड़ी के चलते पुनर्मतदान खूब हो रहा है। जिसके वजह से भारी राजस्व लुट रहा है। भारी संख्या में सत्तारूढ़ दल के विधायको , मंत्रियो समेत अन्य नेताओ के परिजनो के मैदान में कूदने से जमकर दबंगई भी चल रही है।
बाराबंकी के सिरौली मतदान केन्दª पर पूर्व केन्दªीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा व उनके परिवार के सदस्यों का नाम मतदाता सूची से गायब है। बेनी प्रसाद वर्मा के समर्थको ने इस बावत चुनाव आयोग से शिकायत किया है। हरदोई के संडिला ब्लाक (प्रखंड) के तीन गाॅवों में मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी पायी गयी है। गड़बड़ी इतनी गंभीर की राज्य के निर्वाचन आयुक्त एस0 के0 अग्रवाल ने वहाँ की जाँच राज्य के स्पेसल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सुपुर्द कर चुके है।
मतदान में हो रही गड़बड़ियो का अन्दाजा इसी से लगा सकते है कि पहले चरण में हुई गड़बडियों के चलते दूसरे चरण में ही 20 जिलो के 38 बूथों पर पुनर्मतदान हुआ था। वही एटा जहाँ ज्यादा गड़बड़ी पायी गयी है एसएसपी सुरेन्द्र वर्मा तक हटा दिये गये थे। गजब की बात तो यह कि यहाँ पहले चरण मे हुए मतदान के दौरान सकीट ब्लाक (प्रखंड) के प्राथमिक विद्यालय जोगपुरा में आयोग ने शत प्रतिशत मतदान होने की पुष्टि की थी। वही दूसरे चरण में हुए धांधली की शिकायतो के कारण 36 बूथो पर पुनर्मतदान हो चुका है।उत्तर प्रदेश इलेक्सन वाॅच के प्रदेश संयोजक संजय सिंह के मुताबिक पंचायत चुनावों में 63 फीसदी से अधिक बाहुबली और अपराधी चुनावी मैदान में है। इसमे से 34 प्रतिशत से अधिक प्रत्यासी तो एैसे है जो गंभीर आरोपो में नामजद है।
जिले जहाँ पहले चरण के हुए पुनर्मतदान – लखनऊँ, शाहजहापुर, बलरामपुर, कुशीनगर, रामपुर, बहराइच, प्रतापगढ़, संभल, हाथरस, बलिया, गोरखपुर, अमेठी, सिद्वार्थगनर, भदोही, मिर्जापुर, संतकबीर नगर, हरदोई, बागपत, महोबा, चित्रकूट जनपदो में 13 अक्टूबर को यानि दूसरे चरण के साथ पुनर्मतदान हुआ था। इसके अलावा एटा के 36 बूथो के लिए 15 अक्टूबर को पुनर्मतदान हुआ था।
जिले जहाँ दूसरे चरण कें हुए पुनर्मतदान- दूसरे चरण में हुए चुनावो का पुनर्मतदान 15 अक्टूबर को हुआ था जिसमें उन्नाव, कानपुर, कानपुर देहात, फतेहपुर, मैनपुरी, प्रतापगढ़ समेत कुछ अन्य जनपद शामिल थे।
परिसीमन हो जाने के कारण उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव से संबंधित कुछ नये तथ्य-
कुल मतदाता- 11.36 करोड़
क्षेत्र पंचायत के पद- 77576
जिला पंचायत सदस्य के पद- 3112
कुल मतदान केन्द्र – 78596
युवा मतदाताओं (18-35 वर्ष) के आयु वाले मतदाताओं की संख्या- 52 फीसदी
बढ़े मतदाताओ की संख्या- 28 लाख
पुरूष एवं महिला मतदाताओं का प्रतिशत क्रमशः – 53.33 और 46.67 है।

