दिल्ली मे जारी बिहार उत्सव के दौरान जूट से बने घरेलू सामानों और नक्काशी कला युवाओं को बेहद प्रभावित कर रही है। यही कारण है कि युवक और युवतियां बिहार उत्सव में जमकर खरीदारी कर रहे हैं। बिहार के 107वां स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली में बिहार उत्सव 2019 का यह कार्यक्रम बिहार की संस्कृति, परंपरा, कला पर्यटन को दर्शाता है। हर स्टाल पर कुछ न कुछ ऐसा है जो आपकों अपनी ओर आकर्षित जरूर करेगा। इस बार स्टाल के भागलपूरी सिल्क, मधुबनी पेंटिंग, सिकी के उत्पाद, कास्ट की मूर्ति, जूट के बने सामान आदि आकर्षक स्टाल्स लगाये गए हैं।
इस अवसर पर हेंडीक्राफ्ट एंड हैंडलूम के 110 स्टाल लगाये गए हैं। इसके अलावा लोग यहां बिहारी व्यंजन का भी मजा उठा सकते है। खाने के शौकीन लोग बिहार की रसोई नाम से मशहूर स्टॉल पर जाकर बिहार में बनने वाले घरेलू सामानों को खरीद सकते हैं। यहां से विभिन्न प्रकार के सत्तू, चिप्स, चावल आटा आदि खरीद सकते हैं।
बिहार उत्सव 2019 के दौरान हस्तकरधा एवं हस्तशिल्प के उत्कृष्ट सामानों की बिक्री एवं सह-प्रदर्षनी का आयोजन 31 मार्च 2019 तक होगा। कार्यक्रम को खास बनाने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति 22 से 25 मार्च तक की जाएगी।
बिहार सरकार के अंतर्गत उद्योग विभाग के उपनिदेशक एवं सह मेला प्रभारी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि बिहार सरकार उद्योग विभाग की ओर से इस बार कुल 108 स्टाल के साथ 4 फूडस्टाल का भी आवंटन किया गया है जिसे लाटरी के आधार पर बांटा गया है। इन स्टॉलों में हस्तशिल्प व हतकरधा बिक्री सह प्रदर्षनी तथा उत्कृष्ट बिहारी व्यंजनों का फूडस्टाल लगाया गया है। इस बार स्टालों के माध्यम से मशहूर मधुबनी एवं मिथिला पेंटिंग, जूट निर्मित वस्तुएं यथा जूट ज्वेलरी, निपुरा सिल्क एवं हस्तकरघा से निर्मित बेड-सीट, चादर विशेष रूप से मेला का आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।
