संतोष कुमार सिंह
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी द्वारा यह बात जोर—शोर से कही गयी कि हम दिल्ली में मुफत् वाईफाई देंगे तो लोगों को लगा कि यह चुनावी नारा है, और अगले चुनाव में विपक्षी दल सरकार की विफलता के रूप में इसे पेश करेंगे। लेकिन अब शहर तो छोड़िए भारत के गांव भी फ्री वाईफाई जोन बनने लगे हैं। भारत का एक छोटा सा गांव पूरी तरह से वार्इ-फार्इ सुविधा से लैस है। यह सफलता पाया है केरल की इरावीपेरूर ने। यह गाँव देश की पहली ग्राम पंचायत है जहां आम जन को मुफ्त वार्इ-फार्इ सुविधा मुहैया करवार्इ जा रही है। बड़ी बात यह है कि यह सफलता ग्राम पंचायत ने अपने बलबूते हासिल किया है। जबकि ढुडीके गांव भारत में वाई-फाई सुविधा मिलने वाला दूसरा तथा पंजाब का पहला गांव बन गया है।
केरल का इरावीपेरूर
इरावीपेरूर ग्राम पंचायत के अध्यक्ष एन राजीव के अनुसार
पंचायत के एक किलोमीटर की परिधि मुफ्त वार्इ-फार्इ सुविधा से लैस है। पंचायत ने वल्लमकुलम स्थित ग्राम विज्ञान केंद्र, कोझिमाला स्थित पंचायत कार्यालय, नन्नूर स्थित आयुर्वेद डिस्पेंसरी, ओथेरा स्थित प्राथमिक चिकित्सालय आैर इराविपेरूर स्थित बच्चों के पार्क में वार्इ-फार्इ हाटस्पाट स्थापित किए हैं। शीघ्र ही इस के आसपास सभी ग्राम पंचायतों में मुफ्त इंटरनेट कनेक्शन मिलने लगेगा। 100 एमबी डाटा यूज करने के बाद कनेक्शन अपने आप ही बंद हो जाता है जिसे दस मिनट बाद दुबारा चालू किया जा सकता है। मुफ्त इंटरनेट सुविधा को बिना पैसा दिए दिन में कितनी ही बार इस्तेमाल किया जा सकता है। इरावीपेरूर ग्राम पंचायत के अध्यक्ष एन राजीव कहते हैं “विकास के लिए कोई कैप्सूल नहीं है। पंचायत में जमीनी स्तर पर ई गर्वनेंस को प्रमुखता दी है। गर्वनेंस नागरिक केंद्रित था और इसे पंचायत प्रतिनिधि और आम जनता के बीच बातचीत और चर्चा के बाद लागू किया गया है।
कैसे करते हैं इस्तेमाल
यूजर्स को अपने फोन से ग्राम पंचायत की वेबसाइट पर लाग इन करना होगा। इसके बाद उनको पासवर्ड भेजा जाएगा जिसके इस्तेमाल से वे मुफ्त इंटरनेट सर्फ कर सकेंगे। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि मुफ्त इंटरनेट मुहैया करवाने वाले इस प्रोजेक्ट पर कुल 4,17,000 रुपए का खर्चा आया जिसमें से ग्राम पंचायत ने 3 लाख रुपए अपने स्तर पर जुटाए।
पहले भी कई अवार्ड
यह पहली बार नहीं है कि इरावीपेरूर ग्राम पंचायत चर्चा में आर्इ हो। इस ग्राम पंचायत ने इस साल कर्इ प्रतिष्ठित अवार्ड जीते हैं। इस साल इसे पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के लिए नेशनल अवार्ड से नवाजा गया है।पंचायत को बायोडायवर्सिटी कन्सर्वेशन के लिए अवार्ड, सेनिटेशन अवार्ड और पेन एंड पेल्लिएटिव अवार्ड भी मिल चुका है।
‘डिजिटल भारत’ अभियान: ढुडीके पहला इंटरनेट वाला गांव
जबकि भारत के आजादी में अहम योगदान देने वाले पंजाब केसरी लाला लाजपत राय तथा गदरी बाबों की ऐतिहासिक धरती गांव ढुडीके को आज उस समय एक बहुमूल्य सम्मान मिला जब इस गांव को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू डिजीटल इंडिया मुहिम के तहत अडॉप्ट करके गांव में 1 करोड़ रुपए की लागत से मुफ्त वाई-फाई की सहूलियत उपलब्ध करवा दी गई। ढुडीके गांव भारत में वाई-फाई सुविधा मिलने वाला दूसरा तथा पंजाब का पहला गांव बन गया है। ढुडीके केंद्र सरकार के ‘डिजिटल भारत’कार्यक्रम के तहत आने वाला पहला गांव बन गया है. डिप्टी कमिश्नर परमिंदर सिंह गिल ने लाला लाजपत राय के पैतृक गांव में वाईफाई इंटरनेट सेवा की शुरूआत की।
