किसान मोर्चा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह मस्त ने कहा कि कर्ज माफी किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं है और उनकी पार्टी की ओर से इस संबंध में लोगों से सुझाव लिए जा रहे है, जिन्हें किसान संकल्प पत्र में शामिल किया जाएगा।
वीरेन्द्र सिंह मस्त ने कहा किसानों का कर्ज माफ करने से उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान तो हो जाता है, लेकिन इसके बाद वे फिर कर्ज के जाल में फंस जाते है। उनकी पार्टी ऐसी व्यवस्था करना चहाती है जिससे किसानों को कर्ज लेना ही न पड़े। किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर पूरे देश से सुझाव लिए जा रहे है, जिन्हें किसान संकल्प पत्र में शामिल किया जाएगा। और यह सुझाव भविष्य में सरकारी नीतियों का आधार बनेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कोष योजना की शुरुआत की है जिससे किसानों के बैंक खाते में सालाना 6000 रुपये डाला जाएगा। इसकी पहली किस्त का भुगतान किया जा चुका है। इससे देश के करीब 14 करोड़ किसान परिवारों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इस आर्थिक सहायता का लाभ किसानों को रबी और खरीफ फसल के अवसर पर मिलेगा जिस समय वे आर्थिक तंगी में होते है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस योजना पर वहीं लोग सवाल उठा रहे है जिन्होंने पिछले 60 सालों में किसानों के लिए कुछ नहीं किया।
