किसानों के लिए अलग बजट के साथ ही कांग्रेस ने घोषणा पत्र में किए कई वादे

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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने घोषणापत्र जारी करते हुए ऐलान किया कि इस चुनाव का मुद्दा सिर्फ किसानों की समस्या, रोजगार और गरीबी है। उनकी पार्टी इसी मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र को ‘जन आवाज घोषणापत्र’ दिया गया है। घोषणापत्र की टैगलाइन ‘हम निभाएंगे’ दी गई है।
राहुल गांधी ने कहा कि हमारे लिए सबसे अहम न्याय योजना है जिसके तहत देश की 20 फीसदी गरीब जनता को सालाना 72 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। राहुल ने कहा कि पांच साल में सीधे तौर पर एक व्यक्ति को 3 लाख 60 हज़ार रुपये की मदद दी जाएगी। इसके लिए राहुल ने “गरीबी पर वार, 72 हजार” का नारा दिया.

युवाओं को ग्राम पंचायतों से मिलेगा रोजगार
देश में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। मुझे घोषणा पत्र कमेटी ने बताया कि 22 लाख सरकारी रोजगार खाली पड़े हैं, उसे कांग्रेस मार्च 2020 तक भर कर देगी। दस लाख युवाओं को ग्राम पंचायत में रोजगार दिया जा सकता है, उसे कांग्रेस पार्टी देगी। उद्यम के लिए भी कांग्रेस पार्टी ने एक आइडिया निकाला है.
किसानों के अलग बजट
राहुल गांधी ने ऐलान किया कि हम किसानों के लिए अलग से बजट लाएंगे। जैसे रेल के लिए अलग बजट होता था, वैसे ही किसानों के लिए भी अलग से बजट होगा, ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके लिए कितना खर्च हो रहा है। राहुल ने कहा कि अगर किसान कर्ज ना चुका पाता है तो वह आपराधिक मुकदमा नहीं बल्कि सिविल मुकदमा के तहत आएगा।

उन्होंने कहा कि हमने अपना चुनावी वायदा निभाते हुए छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों का कर्ज माफ किया गया। कांग्रेस अन्य राज्यों में भी कृषि ऋण माफ करने का वायदा करती है।
हम सिर्फ कर्ज माफी करके ही अपने जिम्मेदारी से पलला नहीं झाड़ेंगे, बल्कि उचित मूल्य, कृषि में कम लागत, बैंकों से ऋण सुविधा के द्वारा हम किसानों को “कर्ज मुक्ति” की तरफ ले जाने का वायदा करते हैं।
कृषि ऋण एक दीवानी (सिविल) मामला है, हम, किसी भी किसान, जो कृषि ऋण चुकाने में असमर्थ है के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही करने की अनुमति नहीं देंगे।
कृषि क्षेत्र को विशेष महत्व देते हुए हम अलग से किसान बजट प्रस्तुत करेंगे। कांग्रेस कृषि क्षेत्र के विकास की योजनाओं और कार्यक्रम को बनाने के लिए एक स्थाई राष्ट्रीय आयोग “कृषि विकास और योजना आयोग” की स्थापना करेगी, जिसमें किसान, कृषि वैज्ञानिक और कृषि अर्थशास्त्री सम्मलित होंगे, यह आयोग सरकार को सलाह देंगे कि कैसे कृषि को व्यवहार्य, प्रतिस्पर्धी और फायदेमंद बनाया जा सकता है। आयोग की सिफारिशें मानने के लिए सरकार बाध्य होगी। यह आयोग कृषि लागत और मूल्य आयोग का स्थान लेगा।
मनरेगा में मिलेगा 150 दिन रोजगार
राहुल गांधी ने कहा कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो मनरेगा के तहत अब 150 दिन के रोजगार की गांरटी देगी।

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