विदेशी पर्यटकों को भाया सोनपुर मेला

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अपराजिता संतोष

 भले ही देश ने ग्रामीण मेलों से आगे बढ़ते हुए शहरी मॉल, मल्टीप्लेक्स और बिग बाजार तक का सफर तय कर लिया हो लेकिन इससे मेलों का आकर्षण कम नहीं होता। तभी तो बिहार के हरिहर क्षेत्र का सोनपुर मेला न सिर्फ देसी बल्कि विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है । राज्य पर्यटन विभाग ने भी गौरवशाली अतीत को संजोए हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले में विदेशी सैलानियों को लुभाने के लिए भरपूर इंतजाम किया है। विदेशी पर्यटक भी मेले में पहुंचकर न सिर्फ ग्रामीण जीवन का आनंद ले रहे हैं, बल्कि लोगों से घुलमिलकर लोकरंग को समेटते देखे जा सकते हैं। एक महीने तक चलने वाले इस मेले में आए विदेशी सैलानी भी मेले के बाजारों को देखकर आश्चर्यचकित हैं।

ब्रिटेन से आए डोनाल्ड कहते हैं… सोनपुर मेले के बारे में बहुत कुछ सुन रखा है, मैं यहां कुत्ता और पक्षियों का बाजार देखकर रोमांचित हूं। मेले में मौत का कुआं और सर्कस भी रोमांच पैदा करने वाला है।

Sonpur-Mela-001पर्यटकों के लिए खास इंतजाम

प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा से प्रारंभ होने वाला यह मेला इस वर्ष 25 नवंबर को प्रारंभ हुआ है और अब तक 48 विदेशी पर्यटक इस मेले में पहुंचे हैं। इन विदेशी सैलानियों को ठहरने के लिए मेला परिसर में बनाए गए पर्यटन ग्राम में आधुनिक सुख-सुविधा वाले ग्रामीण परिवेश में लगने वाले 20 स्विस कॉटेजों का निर्माण कराया गया है। डेनमार्क, कनाडा, स्वीटजरलैंड, बेल्जियम, यूनाइटेड ¨कगडम और यूनाइटेड स्टेट समेत कई देशों के सैलानी लगतार पहुंच रहे हैं।

स्विस कॉटेज के प्रबंधक मुकेश कुमार ने बताया कि अब तक 48 विदेशी सैलानी मेले का लुत्फ उठा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 19 सैलानी इंगलैंड से आए हैं, जबकि जापान से 13, जर्मनी से पांच, आस्ट्रेलिया से चार तथा फ्रांस, इटली और संयुक्त राज्य अमेरिका से दो-दो तथा ओमान से एक सैलानी शामिल हैं। बिहार पर्यटन विकास निगम का दावा है कि इसके अलावे कई विदेशी सैलानी पटना और हाजीपुर के विभिन्न होटलों में रहकर मेला का आनंद उठाने भी यहां पहुंच रहे हैं।

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भा रहा है पर्यटन ग्राम

सोनपुर मेले में इस बार पर्यटन ग्राम को बेहद नये रंग-रुप में लोगों के खोला गया है. सोनपुर मेले में कई देशों से भी पर्यटक आते हैं जिन्हें यहां रहने में परेशानियों का सामना करना पड़ता था. असुबिधा को देखते हुए इस बार राज्य सरकार और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयास से पर्यटकों के लिए सुईट कॉटेज बनाया गया है जिसमें तमाम तरह की आधुनिक सुविधायें हैं. इन कॉटेज में 24 घंटे गर्म और ठंडे पानी की सुविधा है. इनकी सुविधा के लिए यहां के अग्रेजी बाजार में पर्यटक गांव बसाया गया है। आधुनिक और ग्रामीण लुक लिए तंबूनुमा बीस कॉटेज में सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। पंच सितारा होटल में जो सुविधाएं है उसे मुहैया कराने का भरसक प्रयास किया गया है। राजस्थान के पुष्कर से आए रसोइए यहां खाना व नाश्ता तैयार करेंगे। कॉटेज में ठंडा व गर्म पानी के अलावा रूम सर्विस की व्यवस्था है।

साथ ही एलईडी टीवी,फ्रीज, फोन अत्याधुनिक वॉश रुम की भी सुविधा दी गई है। इन कॉटेजों की बुकिंग ऑन-लाईन या फिर पर्यटन विभाग के कांउटर्स की मदद से करवाया जा रहा है।

 कॉटेजों में हर सुविधा

ग्रामीण परिवेश में तैयार किए गए इन कॉटेजों में आधुनिक सभी सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। वे आधुनिक रूप से बनाया गया शौचालय तो है ही कॉटेज में ही पर्यटन ग्राम में ही रेस्टोरेंट और पार्किंग की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन कॉटेजों का निर्माण राजस्थान की एक कंपनी ने किया है। इन कॉटेजों में 24 घंटों के लिये दो लोगों को 3000 से 4500 रुपये की राशि खर्च करनी पड़ेगी। मेले में आने वाले लोग समेत पर्यटक इन कॉटेजों में अपनी छुट्टियों को काफी बेहतर ढ़ंग से बीता रहे हैं और विश्व प्रसिद्द सोनपुर मेले के हर रंग का आनंद उठा रहे हैं।

कॉटेज संचालक मुकेश की माने तो पर्यटक ग्राम में स्विस कॉटेज अब तक किसी दिन खाली नहीं है परंतु आगे के विषय में नहीं कहा जा सकता है। वे कहते हैं कि पिछले वर्ष करीब 50 विदेशी सैलानी सोनपुर मेले का आनंद उठाने यहां आए थे।

सुरक्षा पुख्ता

ग्रामीण मेलों में विदेशी सैलानी सुरक्षा को लेकर चिंतित होते हैं। सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखते हुये यहां बीएमपी के जवानों को भी तैनात किया गया है।

 

 

 

 

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