चंदन कुमार
पिछले माह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वैसे सभी शिक्षक जिनका समायोजन सहायक अध्यापक के रूप में किया गया था, उन सबकी नियुक्ति निरस्त करने का आदेश ईलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया। इस फैसले से प्रदेश के 1,35000 हजार शिक्षक बेरोजगार हो गये। उनका वेतन रोक दिया गया। बेरोजगारी की मार झेलते इन शिक्षकों ने पिछले दिनों जंतर—मंतर पर धरना प्रदर्शन भी किया था। ऐसे ही एक शिक्षामित्र थे टउंवा गांव निवासी शिक्षामित्र सुभाष यादव। सुभाष ने मंगलवार की रात खुदकुशी कर ली। टउंवा ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर पुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में सुभाष यादव (35) शिक्षामित्र पद पर तैनात था। प्रदेश सरकार के आदेश पर सुभाष यादव का शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन हो गया था। सुभाष के परिजनों का कहना है इस बीच समायोजन निरस्त हो जाने और शिक्षामित्रों को वेतन न मिलने की खबरों से सुभाष काफी आहत था। वेतन नहीं मिलने से वह क्षुब्ध और परेशान था। परिवार के इकलौता सहारे सुभाष ने जान देने के लिए बिजली के तार को औजार बनाया। करंट की चपेट में आने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

देर रात सुभाष यादव ने गांव के पूर्वी तरफ स्थित काली माता के मंदिर के पास बिजली के नंगे तार को पकड़ लिया। करंट की चपेट में आने से सुभाष की मौके पर ही मौत हो गई। देर रात दो बजे गांव वालों ने सुभाष का शव देखा तो परिवार वालों को सूचना दी। पुलिस ने शव का पंचनामा कराने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सुभाष यादव के भाई ओमप्रकाश यादव ने पुलिस को दी तहरीर पर बताया है कि सुभाष वेतन नहीं मिलने से काफी परेशान था। उसे चिंता थी कि वह अपने परिवार का कैसे भरण पोषण करेगा।
और भी हो सकते हैं ऐसे हादसे
जिस तरह से से आनन-फानन में प्रदेश सरकार ने इनका समायोजन किया और ट्रेनिंग के बाद पूरा वेतन देना शुरू किया, इनके घर में खुशी की लहर दौर गयी। कई परिवारों ने इसके लिए पैसे भी लगाये थे, यानि भ्रस्टाचार के कई मामले हैं लेकिन अचानक उच्च न्यायालय के फैसले से नौकरी जाने से ये और इनका परिवार काफी परेशान है। इन्हें समझ नहीं आ रहा की क्या करें? ऐसे में ज्यादातर लोग डिप्रेशन में आ गए हैं। प्रदेश में 1.35 लाख सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों का समायोजन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद कर दिया। साथ ही काउंसलिंग पर रोक लगा दी। ऐसे में शिक्षामित्र असमंजस में है।
राज्य सरकार ने अध्यापक पद पर समायोजित होने वाले शिक्षामित्रों को वेतन देने पर रोक लगा दी है। इस आदेश के विरोध में प्रदेशभर के शिक्षामित्र शिक्षण कार्य से विरत रहे। बकाया वेतन के भुगतान को लेकर पूरे प्रदेश में शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार के साथ प्रदर्शन किया। ये विरोध दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर किया गया। कई जगह शिक्षामित्रों ने अपनी मांगों को लेकर शिक्षामित्रों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों के प्रदर्शन से प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने वेतन दिलाने का जो वादा किया था उसे पूरा करें।

