राजनीतिः गांधी के सपनों का स्वराज

जिस ग्राम-स्वराज्य के रास्ते गांधी हिंद स्वराज्य का सपना साकार होते देखना चाहते थे उससे हमारे गांव कोसों दूर होते जा रहे हैं। विकास के नाम पर शहरीकरण, मशीनीकरण दैत्याकार रूप में फैलते जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ गांवों की रौनक कूच करती जा रही है। गांवों से युवा-शक्ति का पलायन रोकना आज एक …

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