जनता का, जनता के लिए, जनता द्वारा चुनी हुई सरकार दायित्व भूल, सियासत में उलझी

 मनीष अग्रहरि  ओ मजदूर! ओ मजदूर ! तू सब चीजो का कर्मा,तू ही सारी सुविधाओं से दूर लखनऊ: काल बने कोरोना मर्ज के दौर में जिस तरह से मजदूरों पर सरकारी सितम ढ़ाया जा रहा है, ये लाइने बेसहारा, मजबूर, मजलूम, मजदूरों के लिए बिल्कुल सही साबित होती है। पहले तो शहरो के पूंजीपतियों ने …

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