shankar dayal singh

मेरे व्यवहारिक जीवन की पाठशाला रहा है गांव

डॉ रश्मि सिंह (आईएएस) मेरा गांव भवानीपुर औरंगाबाद जिले में देव प्रखंड में है। देव कई कारणों से प्रसिध्द है। उसमें ऐतिहासिक सूर्य मंदिर तो एक कारण है ही, मेरे बाबा और पिता का भी इस प्रसिध्दि में काफी योगदान रहा है। मैंने अपने बाबा कामता प्रसाद सिंह ‘काम’ को देखा भले नहीं है, लेकिन …

मेरे व्यवहारिक जीवन की पाठशाला रहा है गांव Read More »

घर गांव देहात…

कामता प्रसाद सिंह ‘काम’ लेकिन एक बात थी, कृषि विभाग का नमूना न लेकर भी लोग खाने पीने से खुशहाल थे, गाय भैंसों की भरमार थी जिनका शुद्ध दूध हम पीते थे। बहेलिय बझा—बझाकर बटेर, बगेरी हुदहदु, चाहा इत्यादी लाता था मिन सिकार अपने बारूद वाले बंदूक से हरियल, कबूतर, पंडुक आदि मारकर लाता था …

घर गांव देहात… Read More »