विकास के वर्तमान अवधारणाओं में मूल परिवर्तन के बगैर आत्मनिर्भर भारत सिर्फ सपना

शिवाजी सिंह गांधी की ‘स्वदेशी’ की अवधारणा भारत के लिए बहुत ही प्रासंगिक है। अगर आज देश निर्णय कर ले कि हम स्वदेशी उत्पाद का ही उपयोग करेंगे तो इसके द्विआयामी परिणाम होंगे- नए रोजगार का सृजन होगा एवं आर्थिक असमानता घटेगी।   कोरोना महामारी के इस दौर में देश की आत्मनिर्भरता को लेकर एक नयी बहस …

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