नदिया के पार, जाना दुश्वार

अनु​शक्ति सिंह कौने दिशा में लेके चला रे बटोहिया, ठहर ठहर, सुहानी सी डगर, ज़रा देखन दे, ज़रा देखन दे … 30 साल पहले जब रामफल की बीवी नोनैती वाली नदी के इस पार अपने ससुराल आई थी तो बिलकुल रूपा-गूंजा सी किलक रही थी… ज्यों-ज्यों नाव नदिया की धारा को चीरते हुए उसे अपने …

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