सैनिकों के गांव में खेती-बाडी

हरीश रसगोत्रा भारत के मुकुट यानी जम्मू में मेरा एक छोटा-सा गांव है ‘संगवाल’। भारत के अन्य गांवों की तरह यहां का जीवन भी मुख्य रूप से खेती-किसानी पर ही निर्भर है। आधुनिक कृषि के इस दौर में भी मेरे गांव के लोग परंपरागत खेती को ही आधार बनाए हुए हैं। मुख्य रूप से गेहूं, मक्का, बाजरा …

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