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पैंतीस वर्षों का प्रसंग है- कहां से शुरू करूं, कहां खत्म…डॉ योगेंद्र

अलविदा बंधु !आपके साथ थोड़ा मैं भी मर गया: प्रो पवन कुमार सिंह जाने माने शिक्षाविद, साहित्यकार और अंगचंपा के संपादक, हिन्दी विभाग, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व अंगिका भाषा के विभागाध्यक्ष डॉक्टर प्रेम प्रभाकर का देहांत आज सुबह दिल का दौरा पड़ने हो गया। वे 63 वर्ष के थे। प्रेम प्रभाकर के …

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…और बेनीपुरी स्मारक नहीं बचा सके हम

महन्त राजीव रंजन दास बागमती तटबंध के बाहर सरकार द्वारा बसाए गए नए बेनीपुर की धरती पर रामबृक्ष बेनीपुरी स्मारक भवन के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचा तो दिल में एक अजीब-सी टीस उठी। कार्यक्रम बेनीपुरी जयंती के अवसर पर 20 दिसंबर 2018 को आयोजित हुआ था। इस अवसर पर बेनीपुरी जी की पुस्तक ‘जयप्रकाश की …

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