अनछुए पूर्वोत्तर को जानने-समझने का प्रयास है.. पुस्तक लाल नदी, नीले पहाड़

रविशंकर रवि देश के अन्य हिस्से में रहने वाले लोगोें के लिए पूर्वोत्तर अभी अनछुआ है। जबकि पूर्वोत्तर अभी भी देश के अन्य हिस्सों के पर्यटकों के लिए अनछुआ है। हरे और घने जंगलों, दुर्गम पहड़ियों की श्रृंखलाओं के बीच बसे जनजाति गांव स्वर्ग की तरह लगते हैं। प्रकृति ने दिल खोलकर पूर्वोत्तर को संवारा …

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