मजदूरों की महावापसी…लिखी जा सकती है पिछड़े इलाकों में समृद्धि की पटकथा

प्रो डॉ पवन कुमार सिंह रोजगार मूलक संसाधनों की कमी और अत्यधिक जनसंख्या-घनत्व के कारण अविभाजित बिहार और उत्तर प्रदेश, खासकर भोजपुरी भाषी क्षेत्र से प्रवास पर निकलकर कमाने के लिए परदेस जाने की परम्परा काफी पुरानी है। चाहे गिरमिटिया मजदूर के रूप में जाकर मॉरीशस, सूरीनाम, फिजी या त्रिनिदाद को आबाद करना हो अथवा …

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