पंचायत चुनावों ने भी चौपट किया गांव को

प्रो डॉ श्रीप्रकाश सिंह महात्मा गांधी का आदर्श निस्संदेह अनुकरणीय है, लेकिन आजादी के बाद से ही गांधी के आदर्शों को कमोबेश त्याग दिया गया। गांधी कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने के पक्षधर थे, मध्यम दर्जे का उद्योग लगाए जाने की बात करते थे। यह कोई नई बात नहीं थी। 17 वीं व 18 वीं …

पंचायत चुनावों ने भी चौपट किया गांव को Read More »