साधारण किसान का असाधारण संकल्प

विजय कुमार चौधरी नील के मूल्य का निर्धारण मनमाने तरीके से किया जाता था। हालांकि नील के बदले मक्का, गेहूं, धान आदि का उत्पादन करना अधिक लाभप्रद था, लेकिन किसान अंग्रेजों के आतंक के कारण बेबस थे। वर्ष 2017 को चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष के रूप में मनाए जाने के चलते अपने ढंग के …

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