सोन नदी के कछार पर बसा मेरा गांव खंडोल

मेरा सौभाग्य है कि मेरा जन्म एक ऐसे गांव खंडोल में हुआ जहां लगभग महिलाएं भोजपुरी बोलती हैं और लगभग पुरुष मगही। इस नाते पुरुषों द्वारा बोली जाने वाली मगही पर भोजपुरी का और स्त्रियों द्वारा बोली जाने वाली भोजपुरी पर मगही का प्रभाव देखा जा सकता है। कुछ पुराने लोगों का मानना है कि यहां …

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