यादो में ही न रह जाए नौटंकी

  नाटक और नौटंकी हमारे सामाजिक जीवन में कितने गहरे तक जुड़ी रही होगी इसका पता इससे भी लगाया जा सकता है कि हमारी आम बातचीत में आज भी इन शब्दों का प्रयोग खूब किया जाता है। ये अलग बात है कि हम इनका प्रयोग झूठ या फरेब के पर्याय के रूप में करते है …

यादो में ही न रह जाए नौटंकी Read More »