book review

जल की महत्ता बताती रणविजय निषाद की पुस्तक जल संचेतना

मनीश अग्रहरि दुनिया भर में जल की समस्या है फलत: जल एक गंभीर विषय है। लेकिन सोशल मीडिया के इस दौर मेंं किताब कौन पढ़ना चाहता है बावजूद इसके कोरोना महामारी के दौर में लोगों में पाठकों में किताबों के प्रति आकर्षण देखा जा रहा है। आप भी यदि इस लॉक डाउन पीरियड में गंभीर …

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अपंग बना दी गई हैं पंचायती राज संस्थाएं

अमरनाथ झा गांव अपने अपरिहार्य अंत की बाट जोहते मृतप्राय अवशेष हैं या नवसृजन के लिए बेचैन आहत जन निकाय,इस मार्मिक प्रष्न के इर्दगिर्द एक पूरी किताब गांव, स्वशासन और पंचायती राज लिख दी है मंथन ने। संविधान सभा की बहसों और तमाम कानूनों की पड़ताल लेखक ने की है और इस निष्कर्ष पर पहुंचा …

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