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उतार-चढ़ाव के हिचकोलों भरी जिंदगी में चलते रहना ही नियति है…

प्रशांत बलिया चंद्रशेखर जी जैसे युगदृष्टा कभी दिवंगत नहीं होते, वे मृत्यु को भी प्राप्त नहीं होते। वे तो सदा वर्तमान रहते हैं, अपने आदर्शों के जरिये, अपने दूरदर्शी विचारों के जरिये अपने लाखों-करोडों समर्थकों के हृदय में सुनहरे भविष्य की आशा की एक धड़कन बन कर। आज चंद्रशेखर जी की पुण्यतिथि है। आज से …

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भोंडसी आश्रम बना चंद्रशेखर स्मृति वन बहुरेंगे दिन भारत यात्रा केंद्र के

ब्रजेश कुमार झा (एसोसिएट संपादक) भोंडसी का ‘भारत यात्रा केंद्र’ विरान पड़ा है। जिस घर में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर रहते थे, वहां शराब की टूटी-फूटी बोतलें बिखरी हुई हैं। घर का हर कोना गंदगी से भरा है, जिससे दुर्गंध फैल रही है। यहां हरियाली कहीं दिखाई नहीं देती। सरोवर का पानी भी सूख चुका है। …

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