पूछ रहा है गांव.. हमारे खूंट में रखा पैसा काला धन कैसे?

ग्रामसभा के साथ मिलकर गांव में ही ग्रामीणों के पैसे वापसी का रूपरेखा  तैयार करे सरकार..सिर्फ बैंक और डांकघर काफी नहीं संतोष कुमार सिंह नयी दिल्ली: खूंट में पैसा..नानी के जैसा..पैसा तू कैसा..मैं तो जैसे को तैसा..न ऐसा न वैसा..बस पैसे के जैसा। लेकिन आज वो पैसा जैसे का तैसा नहीं रहा। बदल गया है। …

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