
शहडोल: कहा जाता है कि यदि मेहनत और ईमानदारी से की गई कोशिशें अगर सही दिशा में की जाएं तो सफलता जरूर मिलती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है, शहडोल जिले के ग्राम महुआ टोला निवासी श्री पप्पू सिंह ने। एक सामान्य किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले पप्पू सिंह आज गर्मी के मौसम में खीरे और ककड़ी की छोटी सी दुकान के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 1200 रुपए तक की आय कमा रहे है। अपनी लगन और परिश्रम से गांव के अन्य युवाओं के लिए प्ररेणा स्रोत बन चुके है।
ककड़ी, खीरा और कद्दू
पप्पू सिंह ने स्थानीय खेतों से ताजी ककड़ी, खीरा और कद्दू खरीदकर सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान लगाई है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार हर वर्ष मार्च महीने में गांव के पास बहने वाली नदी के किनारे ककड़ी, खीरा और कद्दू की खेती करता है। अप्रैल माह से ही फसल तैयार हो जाती है, जिसे वह जयसिंहनगर, गोहपारू और जिला मुख्यालय शहडोल में ले जाकर फुटपाथ पर बिक्री करते है।
मेहनत और ईमानदारी से मिली सफलता
पप्पू सिंह बताते है कि वे 1 एकड़ जमीन में गर्मी की सब्जियों की खेती करते है। और पूरे सीजन में शहडोल में दुकान लगाते है। इस कार्य से प्रतिदिन करीब 1200 रुपए की आमदनी हो जाती है, जो पूरी तरह से उनके घर के काम आती है। वे विशेष रूप से नगरपालिका शहडोल का आभार प्रकट करते है, जहां फुटपाथ पर दुकान लगाने के लिए किसी प्रकार का टैक्स नहीं लिया जाता।
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पप्पू सिंह का धन्यवाद
अपने इस प्रयास के लिए पप्पू सिंह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन का भी धन्यवाद करते है। जिनकी नीतियों से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। पप्पू सिंह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ी सफलता पाई जा सकती है।


