अमितेश सिंह, पीजी कॉलेज गाजीपुर
एक तरफ जहाँ देश में यह माहोल बनाया जा रहा है की खेती अब लाभकारी नहीं रहा और किसान वहीँ उत्तर प्रदेश में कृषि वैज्ञानिक लोगों के मन में व्याप्त होते इस भय से इतफाक नहीं रखते।
उनका मानना है की खेती लाभकारी हो सकती है बशर्ते उसमे वैज्ञानिकता को लाया जाए। कुछ ऐसा ही माहोल था शनिवार को कृषि विज्ञान केन्द्र, पीजी कालेज, गाजीपुर में जहाँ चेयरमैन राजेश्वर प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में 13वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। बैठक में प्रगतिशील किसान एवं मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर मारकण्डेय सिंह उपस्थित थे।

राजेश्वर सिंह ने भारत को कृषि प्रधान देश बताया और कहा कि भारत में एक बार फिर से हरित क्रांति की दरकार है। अगर उन्नत किस्म का प्रयोग करते हुए खेती की जाए तो खेती से ही मुनाफा कमाया जा सकता है। और मार्केन्डय सिंह से बढ़कर इसकी मिसाल कोई दूसरा नहीं हो सकता। कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी खेती किसानी को लेकर अपने तर्जुबे को सबके सामने रखा। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने खेती के नवीनतम तकनीक और उन्नत बीजों के विषय में लोगों को जानकारी दी। ड्रिप इरिगेशन और बायो कम्पोस्ट खाद के इस्तेमाल और फसलों के उत्पादन में इसके फायदे के विषय में जानकारी दी गयी। ज्यादातर कृषि वैज्ञानिक इस राय से सहमत दिखे कि बायो कम्पोस्ट खाद रासायनिक उर्वरक की तुलना में न सिर्फ सस्ता होता है बल्कि इसके इस्तेमाल से भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है। प्रगतिशील किसान व मुख्य अतिथि मारकण्डेय सिंह ने कृषि विज्ञान केन्द्र के चेयरमैन राजेश्वर प्रसाद सिंह की प्रशंसा की, और कृषि विकास के लिए किये जा रहे योगदान की सराहना की।
उप कृषि निदेशक डा उदय प्रताप सिंह ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा तैयार की गयी योजना बहुत ही सराहनीय है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार प्रजापति ने कहा कि हमारा विभाग हर स्तर से कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों के साथ सहयोग करता है और करता रहेगा। मुख्य पशु चिकित्सा धिकारी डॉएस पी यादव ने कहा कि हमें गंगातीरी नस्ल को संरक्षण देना होगा और अच्छी गुणवत्ता व दुधारू पशुओं का ही पालन करना चाहिए। प्रगतिशील किसान रंगबहादुर सिंह ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा हम सभी को समय-समय पर पूरा सहयोग एवं प्रशिक्षण प्राप्त होता रहता है, जिससे हमें प्रोत्साहन मिलता है।
कार्यक्रम के अन्त में केन्द्र के चेयरमैन श्री राजेश्वर प्रसाद सिंह ने लाईन डिपार्टमेण्ट, किसानों, महिलाओं एवं सदस्यों की सराहना 
इस अवसर पर विज्ञान, पशु चिकित्सा विज्ञान, के विषय विशेषज्ञों द्वारा किया बैठक में कार्ययोजना एवं प्रगति प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण केन्द्र के उद्यान विज्ञान, मृदा विज्ञान, गृह विज्ञान, फसल सुरक्षा, के विषय में प्रदर्शन किया गया। प्रस्तुतीकरण से पहले केन्द्र के सीनियर साइंटिस्ट एण्ड हेड डॉ दिनेश सिंह ने कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा प्रचारित एवं प्रसारित विभिन्न गतिविधियों को प्रस्तुत किया।
ये भी हुए शामिल
इस बैठक में उप कृषि निदेशक डॉ उदय प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार प्रजापति, डॉ एस पी सिंह मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, डॉ एस के वर्मा जिला उद्यान अधिकारी, बृजेश सिंह भूमि संरक्षण अधिकारी, डॉ राजीवन नन्दन डी0डी0एम0 नाबार्ड, डॉ सी पी सिंह प्रभारी अधिकारी क्षेत्रीय कृषि उप शोध केन्द्र नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, डॉ भानु प्रताप सिंह पूर्व विभागाध्यक्ष क्राप साइंस पीजी कालेज, डा वशिष्ठ यति विभागाध्यक्ष उद्यान विज्ञान विभाग पीजी कालेज एवं अजय कुमार पाल निदेशक यूनियन बैंक आॅफ इण्डिया-आर एस ई टी आई गाजीपुर सहित रंगबहादुर सिंह, प्रभुनारायण चोहान, सुधीर सिंह, बालवेन्द्र कुमार सिंह, सुनीता सिंह, सुशीला, रामा यादव इत्यादि उपस्थित थे।
कृषिकेन्द्र के डॉ विनोद कुमार सिंह, डॉ धर्मेन्द्र कुमार सिंह, डॉ सुनीता पाण्डेय, डॉ राजेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ शिव कुमार सिंह, डॉ धर्म प्रकाश श्रीवास्तव, आशीष कुमार वाजपेयी, मनोज कुमार मिश्रा, आशुतोष सिंह, डॉ प्रमोद कुमार सिंह, सुनील कुमार इत्यादि उपस्थित थे।