गांव के सामाजिक ताने-बाने में रसूख का संकेत भी देते थे परंपरागत कुंवे

यदि गांव अपना एक विश्व है जिसमें सदियों की सभ्यता और सांस्कृतिक विकास का समुच्चय संचित हुआ दिखता है तो परंपरागत कुंवे के आसपास का सामाजिक आर्थिक ताना-बाना लघु विश्व। इस लघु विश्व में  हर व्यक्ति का अपना अलग अनुभव संचित है। प्रस्तुत है मेरे गांव के कुंओं की कहानी और उससे जुड़ा सामाजिक, वैयक्तिक … Continue reading गांव के सामाजिक ताने-बाने में रसूख का संकेत भी देते थे परंपरागत कुंवे