सामाजिक-सांस्कृतिक सरोकार और पुरखों की परंपरा को सहेजे आगे बढ़ रहा है गांव बोधाछपरा

ठीक ही कहा जाता है कि भारत की आत्मा गांव में निवास करती है। व्यक्ति अपने जीवन की उपलब्धियों का मूल्यांकन गांवो में अपने आरंभिक जीवन की शुरूआत में करना शुरू करता है एवं अपने जीवन की विविध पहलुओं का विवेचन करते समय गांव के संस्कार,सामाजिक सरोकार, प्रचलित रीतियां एवं प्रयासों का भी समुचित ध्यान … Continue reading सामाजिक-सांस्कृतिक सरोकार और पुरखों की परंपरा को सहेजे आगे बढ़ रहा है गांव बोधाछपरा