आसानी से बदलाव को स्वीकार नहीं करता ग्राम समाज
पिपरा के पतवा सरिखे डोले मनवाकि मनवा में उठत हिलोरगांव की चर्चा होते ही यह गाना मुझे स्वतः याद आ जाता है। मेरे ससुराल का गांव मझई है जो सासाराम जिले में है। मझई में हमारे घर के सामने ही चार तालाब हैं, वहां का दृश्य काफी मनोरम है। खेतों में गेहूं की बालियां जब … Continue reading आसानी से बदलाव को स्वीकार नहीं करता ग्राम समाज
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