रणमऊ गांव..दशहरी आमों की नयी बाग में कहां है वह लुत्फ

शैलेंद्र प्रताप सिंह सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जब छोटा था उस वक्त रणमऊ गांव में बिजली नहीं थी। हम लोग ढ़िबरी और लालटेन में पढते थे। शाम होते ही चारों तरफ़ घुप्प अंधेरा हो जाता था। सियारों की आवाजें आने लगती थी। शाम होते ही सभी बच्चे घर आ जाते थे। अंधेरा होते ही सब कुछ … Continue reading रणमऊ गांव..दशहरी आमों की नयी बाग में कहां है वह लुत्फ