रेड़ीमऊ से रड़िमऊ…से रणमऊ और आज रनमऊ तक के सफर पर सरपट दौड़ता हमारा गांव
शैलेंद्र प्रताप सिंह सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हमारा गांव रणमऊ (रायबरेली)। हमने गांव का वह रूप भी देखा है जो सैकड़ों सालों से, शायद जबसे पहिये का आविष्कार हुआ होगा, हाथी की मदमस्त चाल की तरह खरामा-खरामा जिंदगी जी रहा था पर फिर मेरे देखते ही देखते उसने घोड़े की सरपट दौड़ की तरह चाल बहुत तेज … Continue reading रेड़ीमऊ से रड़िमऊ…से रणमऊ और आज रनमऊ तक के सफर पर सरपट दौड़ता हमारा गांव
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