पैतृक गाँव चमथा के लिए अपनी जवाबदारी

हर व्यक्ति की एक कहानी होती है। उस कहानी में एक घर और गाँव होता है। मेरे पैतृक गाँव का नाम है चमथा। धार्मिक किंवदंतियों के अनुसार त्रेता युग में मिथिला के राजा महाधिराज राजा जनक यहाँ गंगा स्नान करने के लिए आते थे। यहीं से गंगाजल राज दरबार में जाता था। उसी से जानकी … Continue reading पैतृक गाँव चमथा के लिए अपनी जवाबदारी