मेरा गाँव स्मृतियों के पन्नों में…

अम्मां के गुजरने के 6 साल बाद 2019 में मैं अपनी बहन बीना के साथ अपने गाँव चैनपुर गई थी। मुझसे मिलने मेरी दो भतीजियाँ भी अपनी ससुराल से आ गयी थीं। मैं दिनभर गाँव की सुनसान गलियों में अपनी यादों में बसे उस गाँव की चहल पहल को तलाशती रहीं जो न जाने कहाँ … Continue reading मेरा गाँव स्मृतियों के पन्नों में…