घर गांव देहात…

कामता प्रसाद सिंह ‘काम’ लेकिन एक बात थी, कृषि विभाग का नमूना न लेकर भी लोग खाने पीने से खुशहाल थे, गाय भैंसों की भरमार थी जिनका शुद्ध दूध हम पीते थे। बहेलिय बझा—बझाकर बटेर, बगेरी हुदहदु, चाहा इत्यादी लाता था मिन सिकार अपने बारूद वाले बंदूक से हरियल, कबूतर, पंडुक आदि मारकर लाता था … Continue reading घर गांव देहात…