गांधी का गंगौर: मैय्यो के लिए विनोबा…बिनो बाबाजी थे, तो गांधी जी…गन्धी महतमा

साठ साल पहले ओलापुर-गंगौर की चोहद्दी बड़ी दिलचस्प हुआ करती थी। बल खाती बूढ़ी गंडक के किनारे गांव लम्बा बसा हुआ था। गांव के बीच से एक कच्ची सड़क गुजरती थी। एक सिरे पर शराब की कलारी और ताड़ीखाना था। शाम को गाछी गुलजार हो जाती थी। जब पहली दफा मैला आंचल पढ़ा तो लगा, … Continue reading गांधी का गंगौर: मैय्यो के लिए विनोबा…बिनो बाबाजी थे, तो गांधी जी…गन्धी महतमा