भारत माता नीलिमारानी सामंत..जिनकी प्रेरणा से बदल गया गांव कलाराबंक

कवि सुमित्रा नंदन पंत ने लिखा था.. भारत माता ग्रामवासिनी! खेतों में फैला है श्यामल धूल भरा मैला सा आँचल गंगा यमुना में आँसू जल मिट्टी की प्रतिमा उदासिनी! दैन्य जङित अपलक नत चितवन, अधरों में चिर नीरव रोदन, युग.युग के तम से विषण्ण मन, वह अपने घर में प्रवासिनी! लेकिन यहां भी एक भारत … Continue reading भारत माता नीलिमारानी सामंत..जिनकी प्रेरणा से बदल गया गांव कलाराबंक