बदल गया है सामुदायिक जीवन

डॉ अनामिका मेरा जन्म चीन से युद्ध के समय हुआ था। उस समय की घटनाएं याद नहीं हैं। एक-दो दृश्य याद हैं। भैया हमको कहते थे कि चाइनीज है। मेरी नाक चपटी थी, इसलिए चिढ़ाते थे। हमको याद है कि नेपाल के बॉर्डर से आती थी एक बूढ़ी औरत, स्मगलिंग की साड़ियां लेकर। कुछ दूसरे … Continue reading बदल गया है सामुदायिक जीवन