एक पीड़िता की दास्तां…हां मैं वही लड़की हूं

प्रतिमा कुमारी पासवान आज से लगभग दस साल पहले की बात है। अगस्त का आखिरी सप्ताह। जैसा कि हम सब जानते हैं कि बिहार में इस महीने में मानसून अपने चरम पर होता है। खूब घनघोर बारिश होती है। ऐसी बारिश कि घर से निकलना मुश्किल। ऐसा ही अगस्त उस वर्ष भी था। पूरे सप्ताह … Continue reading एक पीड़िता की दास्तां…हां मैं वही लड़की हूं