स्मृतियों में अटका मेरा गांव

हरिवंश जहां मैं पैदा हुआ, उस गांव का नाम सिताबदियारा है. थोड़ा समझना शुरू किया, तो पता चला कि गांव में कुल 27 टोले हैं. यह गांव दो नदियों ‘गंगा और घाघरा’ के बीच है. गांव के उत्तर घाघरा या सरयू, तो दक्षिण में गंगा. चौथी क्लास में पहुंचा तो पता चला कि यह गांव … Continue reading स्मृतियों में अटका मेरा गांव