August 15, 2020

उत्तराखंड के 5991 ग्राम पंचायतों में होगी इंटरनेट और मोबाईल कनेक्टिविटी, भारत नेट परियोजना लागू

पंचायत खबर टोली

  • पहाड़ों के हर एक गांव तक पहुंचेगा इंटरनेट: सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत

उत्तराखंड: कोरोना महामारी के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने गांव लौटे हैं। इस दौरान उत्तराखंड की पंचायतों ने अपने अथक परिश्रम से जिस तरह बाहर से आये प्रवासियों को गांव में समा​योजित किया और गांव को भी कोरोना संक्रमण से बचाया यह निश्चित रूप से पंचायती राज व्यवस्था की मजबूती को दिखाता है। इस बीच इन गांवों में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने का प्रयास भी शुरू हो गया है। खेती के साथ ही रोजगार के नये साधन तलाशे जा रहे हैं। दिल्ली एवं अन्य शहरों से नजदीकी, और पर्यटन की अपार संभावनाओं के बीच देवभूमि उत्तराखंड के गांवों में रोजगार की संभावनायें बाहर से लौटे प्रवासियों को दिखने लगी है। इस बीच उत्तरा खंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि उत्तराखंड के हर गांव अगले डेढ़ साल में मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी। प्रदेश सरकार ने भारत नेट फेज-2 योजना के तहत 12 जिलों के 65 ब्लाकों में 5991 ग्राम पंचायतों तक मोबाइल और इंटरनेट की सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।


उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की तरफ से इस कार्य के लिए प्रदेश को दो हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। साथ ही यह भी उल्लेखनीय है कि पहले फेज में हरिद्वार जिले की ग्राम पंचायतों को भारत नेट योजना से जोड़ा जा चुका है।

क्या कहते हैं मुख्यमंत्री
इस बाबत आयोजित एक प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कहा कि योजना की मंजूरी से राज्य में नई दूरसंचार क्रांति आएगी। उन्होंने भौगोलिक कठिनाइयों वाले राज्य उत्तराखंड को भारत नेट योजना से जोड़ने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया था। योजना को मंजूरी देने पर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी व दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद का आभार व्यक्त किया। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ग्राम पंचायतों के इंटनेट से जुड़ने के बाद सूबे में विकास के नये युग का आरंभ होगा। बता दें कि भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड परियोजना दो फेज में पूरी की जा रही है। प्रदेश में भारत नेट फेज-1 परियोजना का काम भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड ने खुद, अलग-अलग संस्थाओं और कई दूसरी कंपनियों से कराया। पहले चरण में 25 ब्लॉकों की 1865 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाना था। योजना का क्रियान्वयन आईटीडीए करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काॅमन सर्विस सेन्टर कतिपय महत्पूण नागरिक सेवायें यथा वित्तीय शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, कृषि आदि काॅमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से नागरिको दी जा रही है, वर्तमान में लगभग 8350 सीएससी केन्द्र संचालित है परन्तु सभी ग्राम पंचायते/ग्रामों डाटा नेटवर्क न होने के कारण यथा हाई स्पीड इन्टरनेट से न जुड़े होने के कारण उक्त सुविधायें अबाध तरीके से दिये जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, परन्तु भारत नेट 2.0 परियोजना के क्रियान्वयन के उपरान्त उक्त सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों/ग्रामों को प्राप्त हो सकेंगी। 

थत्यूड़ में जलागम का ग्रोथ सेंटर तैयार

रावत ने यह भी कहा कि जलागम ने टिहरी जिले के थत्यूड़ के क्यारसी गांव में ग्रोथ सेंटर तैयार किया है। खेती किसानी के लिए ये ग्रोथ सेंटर देखने लायक है। मैं खुद इसे देखने जा रहा हूं। सरकार को राज्य में 670 ग्रोथ सेंटर खोलने हैं। 100 ग्रोथ सेंटर पर काम शुरू हो गया है। आईटीडीए के भी देहरादून और पिथौरागढ़ में ग्रोथ सेंटर तैयार हो रहे हैं।

ये होंगे फायदे

स्मार्ट विलेज बनेंगे 

पंचायतों में इंटरनेट की कनेक्टिविटी से प्रदेश में स्मार्ट विलेज बन जाएंगे। ग्राम पंचायतों को अपनी विकास योजनाओं की जानकारी इंटरनेट पर अपलोड करनी होती है। इसके लिए उन्हें सीएससी पर जाना होता है। भारत नेट से वे गांव में ही जानकारी अपलोड कर सकेंगे।

 ई-स्कूल, ई-कॉलेज व ई-अस्पताल ग्राम पंचायतों में ई-स्कूल व ई-कॉलेजों में भी इंटरनेट सुविधा होगी। ई-डिस्पेंसरी तक हो जाएंगी। इससे ग्रामीणों को घर बैठे ई-एजुकेशन और ई-क्लीनिक की सुविधा मिल सकेगी।

 गांव-गांव में खुलेंगे सीएससी 

अभी प्रदेश में सामुदायिक सेवा केंद्र (सीएससी) कस्बों और शहरों में हैं। प्रदेश में करीब नौ हजार में से आठ हजार सीएससी ही सक्रिय हैं। कनेक्टिविटी बढ़ने से गांव-गांव में सीएससी खुलेंगी। जिससे ग्रामीणों को सहूलियत तो होगी ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।

मोबाइल कनेक्टिविटी मिलेगी
सीमांत जिले पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में लोग मोबाइल कनेक्टिविटी न होने से नेपाल का सिम इस्तेमाल करते हैं। इससे केंद्र सरकार को भी असहज होना पड़ता है। भारत नेट के विस्तार से वहां मोबाइल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

गैरसैंण बनी ई-विधानसभा
मोबाइल कनेक्टिविटी से वंचित रहे गैरसैंण में अब बदलाव आ चुका है। क्षेत्र में जियो का टावर लग चुका है और इंडस व एयरटेल अपनी इंटरनेट सेवा पहुंचा चुके हैं। आईडीए के निदेशक अमित सिन्हा के मुताबिक विधानसभा में इंटरनेट की पूरी सुविधा है। अब विधानसभा सत्र के दौरान देहरादून से फाइलों का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।


 
प्रदेश को क्या फायदा होगा?

1. पंचायतों में इंटरनेट आने से राज्य में स्मार्ट विलेज बनेंगे।

2. ई-स्कूल, ई-कॉलेज और ई-अस्पताल की ओर कदम बढ़ेगा।

3. गांव-गांव में खुलेंगे सीएससी, जिससे ग्रामीणों को सहूलियत तो होगी ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।

4. पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में आज भी लोगों को मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं होने की वजह से नेपाल का सिम इस्तेमाल करना पड़ता है। भारत नेट के विस्तार से वहां मोबाइल कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा।
जनता को मिलेगी ये सुविधाएं
– राज्य में ई-गर्वनेस, ई-आफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट, ई-हेल्थ, टेलीमेडिसन, ई-एजुकेशन, ई-बैंकिंग, ई-नाम।
– स्वरोजगार के अवसर भी बनेंगे। 
– ई-हेल्थ से दूरदराज गांवों की जनता सीधे अस्पतालों से जुड़कर इलाज करा सकेगी।
– विद्यार्थी घर बैठ कर पढ़ाई कर सकेंगे।
– बिना बैंक में गए ई-बैंकिंग की सुविधा प्राप्त हो सकेगी।
– किसानों को फसलों व दवाओं, भंडारण के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
– किसान अपनी फसलों व उत्पादों को ऑनलाइन बेच सकेंगे।
– व्यवसायी अपने कारोबार की ई-मार्केटिंग हो सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के बाद जिस तरह से प्रधानमंत्री के आह्वाण पर देश में आत्मनिर्भरता पर बहस चल पड़ी है और गांव इस दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर चुके हैं, ऐसे में यदि गांवो में इंटरनेट की पर्याप्त सुविधा मिलती है तो इससे सरकार की योजनाओं के साथ गांव में शहरों से जुड़े उद्योग और सेवा क्षेत्र के विस्तार में काफी सहूलियत होगी।

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