December 14, 2018

ई-गवर्नेंस एवं डिजिटल बिहार की झाकी दिखेगी बिहार पवेलियन में

संतोष कुमार सिंह

नई दिल्ली: आज से दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवम्बर 2016 तक आयोजित होने वाले 36वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में बिहार मंडप को इस बार आई.टी.पी.ओ. द्वारा इस वर्ष मेले की थीम ‘‘डिजिटल इंडिया’’ के अनुरुप नायाब रूप दिया गया है। इस बार बिहार पवेलियन के अग्रभाग के एक हिस्से को गुरू गोविंद सिंह के 350वीं जयंती एवं पटना साहिब को समर्पित किया गया।

bnew_n

बिहार पवेलियन के अग्रभाग सिकी आर्ट से बने 200 लैंप से जगमगाने की तैयारी है। बिहार पवेलियन को तैयार करने में बिहार के तीन नायाब कला सिकी आर्ट, मिथिला पेंटिंग और पेपर मेसिंग आर्ट का प्रमुखता से प्रयोग किया गया है। इतना ही नहीं बिहार सरकार के उधोग विभाग द्वारा लगातार तीसरी वार उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंघान संस्थान को बिहार पवेलियन का क्रियान्वयन एजेंसी के रुप में नियुक्त किया था जो बिहार पवेलियन के सजाने सवारने सहित सारा काम संचालित कर रही है। पिछली दो बार से बिहार पवेलियन को गोल्ड अवार्ड दिलाने में उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंघान संस्थान अहम भुमिका निभाई है। अब उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंघान संस्थान के उप निदेशक अशोक कुमार सिन्हा इस पवेलियन को सजाने और संवारने बिहार पवेलियन को तीसरी बार गोल्ड अवार्ड की आश लगा रहे हैं और पवेलियन को आकर्षक रूप देने में सफल हुए हैं।

b2_nसंस्थान के उप निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बातचीत में कहा कि 36वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में बिहार पवेलियन में लोगों को डिजिटिल इंडिया की बेहतरीन झलक मिलेगी। सिन्हा ने कहा कि व्यापार मेला के थीम ‘‘डिजिटल इंडिया’’ को साकार रूप देने के लिए हमने इस बार के मेले में बिहार मंडप में बिहार में इ-गवर्नेंस के विकास एवं कामकाज को प्राथमिकता से दर्शाया गया है। इसके अलावा डिजिटिल इंडिया को आगे बढ़ाने में बिहार के प्रतिभाओं के योगदान की बेहतरीन झलक भी आकर्षण का केन्द्र होगा। अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान चाहता है कि बिहार मंडप को लगातार तीसरी बार भी गोल्ड मिले इस लिए हम लोगों के लिए बिहार पवेलियन में ‘‘डिजिटिल इंडिया’’ का उत्कृष्ट झलक पेश करना चाहते हैं। पवेलियन के मुख्य द्वार एवं बाहरी हिस्सों में विभिन्न विभागों की प्रदर्शित मनमोहक झलकियां व डिजाइन आगंतुकों को बिहार पवेलियन भ्रमण के लिए मजबूर कर देगा।

b-mask_nबिहार मंडप के निदेशक उमेश कुमार ने बताया कि बिहार मंडप के भू-तल स्थित हाॅल में थीम से संबंधित विभिन्न विभागों ई-गवर्नेंस के उपलब्धियों, भविष्य के कार्य योजनाओं आदि को सुन्दर ढंग से दर्शाया जाएगा। इसके अलावा बिहार सरकार द्वारा बिहार के सर्वांगिण विकास के लिए चलाए जा रहे सात निश्चय प्रोग्राम एवं बिहार मंडप के भू-तल स्थित थीम हाॅल में हस्तशिल्प एवं हैण्डलूम के जीवंत प्रदर्शनों के साथ उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान द्वारा तैयार म्युजियम को भी दर्शाया गया है। मंडप के प्रथम तल पर 45 स्टाॅल लगाए गये हैं, जिनमें बिहार के नायाब कलाए उत्पाद, सभी संबंधित विभागों/निगमों/राज्य में चिन्हित कलस्टरो में से चुनिन्दा इकाईयों/राज्य पुरस्कार विजेता शिल्पकारों/महिला उद्योग संघ/खादी बोर्ड/जीविका/बिहार इम्पोरियम/पुनरासर जुट पार्क आदि की भागीदारी बने हैं। प्रगति मैदान स्थित एक विशिष्ट फूड आउट लेट में सुप्रसिद्ध बिहारी व्यजंनों का भी लोग आनन्द लेंगे । साथ ही साथ मेले में आने वाले दर्शक बिहार पवेलियन में प्रतिदिन शाम को बिहार के लोक संगीत एवं नृत्य का आनंद भी उठा पायेंगे। 21 नवम्बर को बिहार दिवस का आयोजन होगा एवं इस अवसर पर बिहार पवेलियन का विधिवत उद्घाटन होगा साथ ही बिहार दिवस के अवसर पर शाम को हंसध्वनि थियेटर में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।

About The Author

एक दशक से भी ज्यादा से पत्रकारिता में सकिय। संसद से लेकर दूर दराज के गांवो तक के पत्रकारिता का अनुभव। ग्रामीण समाज व जनसरोकार से जुड़े विषयों पर पत्र पत्रिकाओं में लेखन। अब पंचायत खबर के जरिये आपके बीच।

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *