July 14, 2020

तेलिहार पंचायत के लोगों से प्रधानमंत्री का संवाद, जिन्होंने शहर संवारा वही संवारेंगे गांव

मंगरूआ
नयी दिल्ली: कारोना महामारी देश के विकसित राज्यों से लाखों की संख्या में बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओड़ीसा और पश्चिम बंगाल तमाम परेशानियों के साथ बाल—बच्चों सहित गांव लौटने का दृश्य किसे नहीं भावुक कर गया होगा लेकिन आज मौका था इन गरीबों के जख्मों पर मरहम लगाने का। कुछ इसी तरह के भाव के साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरूआत की। इस दौरान वे सबसे पहले तेलीहार पंचायत के प्रवासियों से रूबरू हुए। उनका दर्द सुना, उनके सफलता की कहानी सुनी और हिम्मत की दाद देते हुए भविष्य की रणनीति को साझा किया। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस अभियान को रिमोट द्वारा बिहार के खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के गांव तेलिहार से लॉन्च करते हुए कहा कि कोरोना काल में जब लाखो प्रवासी मजदूर शहरों को छोड़कर अपने घर लौट गए हैं। अब ये लोग अपनी हुनर को गांव और अपने राज्य में दिखायेंगे।


तेलिहार के लोगों से संवाद
अपने संबोधन की शुरूआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”लद्दाख में हमारे वीरों ने जो बलिदान दिया है, मैं गौरव के साथ इस बात का जिक्र करना चाहूंगा कि ये पराक्रम बिहार रेजीमेंट का है, हर बिहारी को इसका गर्व होता हैै जिन सैनिकों ने अपना बलिदान दिया है उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं। ” वहीं तेलिहार के लोगों को प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि बिहार के खगड़िया जिले के तेलिहार में गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत कई काम होंगे। इसके तहत आंगनबाड़ी, कुंआ, मंडी का निर्माण होगा। अब इस गांव के लोग अपने गांव का विकास करेंगे साथ-साथ बिहार का भी करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब लाखो प्रवासी मजदूर शहरों को छोड़कर अपने घर लौट गए हैं। अब ये लोग अपनी हुनर को गांव और अपने राज्य में दिखायेंगे।
योजना का उद्देश्य
बिहार के खगड़िया स्थित तेलिहार ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान अनिल सिंह और अन्य प्रवासी मजदूरों की मौजूदगी में गरीब कल्याण रोजगार योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि गरीब कल्याण रोजगार योजना के जरिए 25 ट्रेड्स में काम होंगे और 50,000 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे ताकि जो मजदूर कोरोना वायरस के चलते लागू किये गये लॉकडाउन में अपने-अपने गांव लौटे उन्हें वहीं रोजगार मिल सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण रोजगार योजना से गांवों में आजीविका के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि छह राज्यों- बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा- के 116 जिलों में योजना से प्रवासी मजदूरों को उनके घर के आसपास ही रोजगार मिलेगा।


मुखिया ने बताई तेलिहार की उपलब्धियां

एक तरफ जहां देश के प्रधानमंत्री ग्रामीणों से बातचीत कर उत्साहित दिख रहे थे वहीं तेलिहार पंचायत के ग्रामीणों के उत्साह की भी कोई सीमा नहीं थी। उन्होंने शायद ही कभी सोचा हो कि महामारी के दौरान जब वे गांव लौटेंगे तो उन्हें काम की सुरक्षा तो मिलेगी ही साथ ही इस बाबत उनसे संवाद करने के लिए देश के प्रधानमंत्री सामने होंगे। कुछ यही आलम था आज तेलीहार के पंचायत भवन में उपस्थित प्रवासियों का। दिल्ली, गुरुग्राम, अजमेर और सिरसा से लोटे ग्रामीणों ने खुल कर अपनी बात रखी। खगड़िया के जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने बारी-बारी से मुखिया अनिल सिंह सहित अन्य लोगों की बात प्रधानमंत्री से करायी। प्रधानमंत्री ने तेलिहार गांव में आये 475 प्रवासी मजदूर भाइयों की व्यवस्था करने के लिए मुखिया को धन्यवाद दिया। ग्राम पंचायत रात-तेलिहार के मुखिया अनिल सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कोरोनावायरस लॉकडाउन के दौरान ग्राम पंचायत द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताया।  सबसे पहले मौका मिला स्मिता कुमारी को। स्मिता से प्रधानमंत्री ने न केवल उसकी पढ़ाई- लिखाई की जानकारी ली बल्कि आगे मधुमक्खी पालन करने की योजना को देश के लिए लाभकारी बताया।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में अभी शहद और मोम बाहर से मंगाना पड़ता है। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में स्मिता की सोच काफी सहायक सिद्ध होगी। वहीं स्मिता ने प्रधानमंत्री से अपने अनुभव साझा करते हुए प्रधानमंत्री को अपने अभिभावक की तरह बताया और कहा कि उसके पति दिल्ली में एक फैक्ट्री में काम करते थे। लाॅक डाउन के कारण बेरोजगार हो गए और मजबूरी में श्रमिक स्पेशल ट्रेन से अपने गांव वापस आ गये। गुरुग्राम में रहकर बारह वर्षो से राजमिस्त्री का काम करने वाले जनार्दन शर्मा ने बताया कि गांव में स्वच्छता अभियान के तहत काफी शौचालय बनाए गए हैं। फिलहाल नली- गली का काम हो रहा है।

ग्रामीणों ने अपने अनुभव साझा किया

 प्रधानमंत्री ने कहा कि इस गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत इतने काम होने हैं कि मजदूर कम पड़ जाएंगे। राजस्थान के अजमेर से लौटे चंदन कुमार टावर का काम करते हैं। प्रधानमंत्री से मुखातिब चंदन को प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना की आफत उसके जैसे लोगों के लिए अवसर बनकर आई है। मिलन जीविका समूह की दिव्यांग महिला सदस्य सुशीला देवी ने पीएम को विस्तार से बताया कि गाय और बकरी पालन कर समूह के सदस्य आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और कोरोना संकट के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क लगाकर निकलने और साबुन से हाथ साफ कर कोरोना संकट से जूझने के काम में लगे हैं।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने सुशीला देवी के साथ-साथ तेलिहार गांव के लोगों को भी कोरोना के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रणाम किया और बधाई दी। रीता देवी के पति हरियाणा के सिरसा से लौटे हैं। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। पीएम ने जानना चाहा कि योजना राशि के लिए किसी ने रुपया तो नहीं मांगा? रीता देवी का नकारात्मक जवाब सुनकर प्रधानमंत्री बहुत खुश हुए। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया का एक बड़ा लाभ यह है कि लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे रकम जमा होती है। पीएम ने रीता देवी को नये घर की बधाई दी।

तेलिहार के 445 प्रवासी को मिलेगा रोजगार
लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रदेशों से आने वाले 445 प्रवासी श्रमिकों को उनके कौशल के हिसाब से रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डीएम आलोक रंजन घोष ने बताया कि इस पंचायत का स्किल मैपिंग करायी गई थी। स्किल मैपिंग के माध्यम से 445 प्रवासियों को चिन्हित किया गया था। सरकार का मुख्य मकसद है गांव व घरों में ही लोगों को रोजगार मिले। रोजगार हर व्यक्ति इस योजना के तहत ले। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।

प्रखंड की पहली ओडीएफ पंचायत है तेलिहार
पंचायतों को खुले में शौचमुक्त करने के अभियान की जब शुरुआत हुई तो यह तेलिहार प्रखंड का पहला ओडीएफ होने वाला पंचायत था। यहां स्थानीय जन्रपतिनिधियों के सहयोग से ओडीएफ घोषित किया गया था। इसके अलावा उज्ज्वला योजना के तहत शत प्रतिशत घरों में गैस कनेक्शन का वितरण किया गया था। यह जिला का पहला धुंआमुक्त पंचायत था। यानि बेलदौर प्रखंड का तेलिहार पंचायत उपलब्धियों से भरा हुआ है। यहां के लोगों में एक बार फिर से काफी खुशी देखी जा रही है।


चार जनवरी को तेलिहार आए थे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
जलजीवन हरियाली यात्रा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी तेलिहार गांव गत चार जनवरी को पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने 22 सौ करोड़ की लागत से 250 विभिन्न योजनाओं की आधारशिला रखी थी। वहीं 73 करोड़ की राशि से 126 योजनाओं का उद्घाटन किया था। मुख्यमंत्री के जल जीवन हरियाली मॉडल का भी निरीक्षण किया था।

उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी उपस्थित थे।

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