July 14, 2020

मक्का के समर्थन मूल्य में 53 फीसदी, तूअर और मूंग में 58 फीसदी की बढ़ोतरी

संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली:—खुला लॉकडाउन और कोरोना दोनो साथ—साथ चलेंगे यह तय है। लेकिन नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की पहली बैठक में यह भी साफ हो गया ​कि हम कोरोना को भी हरायेंगे और देश को आगे भी बढ़ायेंगे। यही कारण है कि शिथिल पड़ी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए की गई 20 लाख करोड़ की घोषणा के बाद आज पहली बार कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में किसान और एमएसमएई को राहत देने के लिए की गई घोषणा के जरिए पोस्ट कोरोना पीरियड के लिए सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित कर दी हैं।
कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देने के लिए प्रकाश जावडेकर मीडिया से मुखातिब थे और साथ में थे इन दोनों विभागों के मंत्री यानी नरेंद्र सिंह तोमर और नीतिन गडकरी। जावडेकर ने कहा कि बैठक में किसानों, एमएसएमई को लेकर कई फैसले लिए गए।

किसानों के लिए लिये गये ये अहम फैसले 
— कृषि लागत और मूल्य आयोग की 14 फसलों के लिए सिफारिश आ गई है। कैबिनेट ने इसको मंजूरी दे दी है।
— न्यूनतम समर्थन मूल्य की कुल लागत का डेढ़ गुना रखने का वादा सरकार पूरा कर रही है।
—14 फसलों पर किसानों को लागत से 50 से 83 फीसदी ज्यादा कीमत मिलेगी।
— खेती से जुड़े काम के लिए 3 लाख तक के अल्पकालिक कर्ज के भुगतान की तिथि 31 अगस्त 2020 तक बढ़ाई गई है।
—किसानों के अलावा खेती से जुड़ी अन्य गतविधियों को भी वित्तीय मदद दी है। 
—80 लाख टन से ज्यादा अनाज लोगों तक पहुंचाया गया।
—किसानों को ब्याज में छूट देने का भी प्रावधान किया जा रहा है। 


इस मौके पर केंद्रीय किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ​कैबिनेट के फैसले का किसानों पर होने वाले प्रभाव और उन्हें मिलने वाले लाभ पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर मामले पर संवदेनशीलता से काम किया और इसी वजह से समय पर किसानों ने फसल की कटाई का काम किया। किसानों ने देश को बंपर फसल पैदा कर देश को समर्पित किया है। आज तक गेहूं की खरीद 360 लाख मिट्रिक टन हो चुकी है। दलहन और तिलहन की खरीद चल रही है।तोमर ने बताया कि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। 14 फसल ऐसी हैं जिसमें किसानों को 50 से 83 फीसदी तक ज्यादा समर्थन मूल्य दिया जाएगा। मक्का के समर्थन मूल्य में 53 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। तूअर और मूंग में 58 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इस लिहाज से किसानों के लिए सरकार की तरफ से यह बड़ा ऐलान है।

एमएसएमई के लिए गये निर्णय
—एमएसएमई की परिभाषा को और संशोधित किया गया है।
— एमएमएमई को प्रोत्साहित करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे 2 लाख एमएसएमई को लाभ पहुंचेगा।
—50 करोड़ तक निवेश वाली इकाई एमएसएमई के तहत आएगी।
—250 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली इकाई भी एमएसएमई के अंतर्गत आएगी।
—एमएसएमई के निर्यात का टर्नओवर इसमें नहीं जोड़ा जाएगा। इससे नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

— फुटपाथ विक्रेताओं समेत रेहड़ी पटरी वालों को 10 हजार रुपये तक कर्ज दिया जाएगा।

— विशेष सूक्ष्म ऋण योजना शुरू की जा रही है। इस योजना से 50 लाख रेहड़ी पटरी वालों को लाभ मिलेगा

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