October 17, 2018

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)… झारखंड से पिछड़ा बिहार

पंचायत खबर टोली

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का काम तेजी से चल रहा है। कई राज्यों की प्रगती काफी अच्छी है तो कई राज्य अपने पड़ोसी पिछड़ गये हैं। इस लिहाज से देखें तो झारखंड बिहार से आगे है। वहीं मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश से आगे।

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बगांल, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिसा, और झारखंड ने इस संबंध में बेहतर कार्य किया है जबकि बिहार, उत्तरप्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आसाम से निर्माण की गति बढाने का अनुरोध किया गया है।

आगरा से शुरू हुई थी योजना

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 20 नवंबर,2016 को उत्तर प्रदेश के आगरा से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के अंतर्गत तकनीकी संस्थानों द्वारा परखे गये डिजाइन, स्थानीय सामान और प्रशिक्षित राजमिस्त्री द्वारा लगभग 1.5 लाख रूपये की लागत से सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले भवन का निर्माण किया जा रहा है। ये भवन निराश्रय या एक या दो कच्चे कमरे वाले घर और कच्ची छत और कच्ची दीवारों वाले घर में रहने वाले लाभकर्ताओ को आवंटित किए जाएगे। इस योजना के अंर्तगत लाभार्थियो का चयन ध्यानपूर्वक किया गया है।

तेजी से चल रहा है काम

राज्य सरकारों के साथ सहयोग द्वारा मार्च, 2018 तक 51 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) आवासों का निर्माण संभव है। वर्तमान में 33 लाख से अधिक आवासों का निर्माण विभिन्न चरणों में और शेष 18 लाख अनुमति मिलने के बाद कार्य प्रारम्भ होने  की प्रक्रिया में है। एक आवास के निर्माण में औसतन कार्य शुरू होने के बाद  चार से आठ माह का समय लग रहा है जबकि इससे पूर्व इसमें एक से तीन वर्ष का समय लगता था।

योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 55 हजार आवासों का निर्माण हो चुका है और लगभग 10 लाख निर्माण के अग्रिम स्तर पर हैं।

आवासॉफ्ट एमआईएस प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण) का पूर्ण रूप से नियंत्रण कर रहा है। इसमें बजट आवंटन और निर्माण के हर स्तर पर आवासों की जियो टेगिंग सम्मिलित है। ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम महाराष्ट्र, उत्तराखंड, छत्तीसगढ, झारखंड और मध्यप्रदेश में प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो रहा है।

राज्यों में भी ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम में तेजी आई है। कई राज्यों में उपाचारित बांस और फ्लाई एस ईट का प्रयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अतंर्गत आवास योजना (ग्रामीण) अतंर्गत के निर्मित सुंदर आवास ग्रामीण भारत में निर्धन नागरिकों के सामाजिक संबंधों में परिवर्तन ला रहे है। इससे निर्बल नागरिकों को सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक असमानता को कम करने के  साथ-साथ निर्बलो की जीवन शैली में सुधार हो रहा है। इससे अप्रत्याशित स्तर पर रोजगार सृजन भी हो रहा है। वर्ष 2017-18 के दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय 51 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करने की आशा रखता है और वर्ष 2018-19 के दौरान भी समान संख्या में आवासों के निर्माण  होने की आशा रखता है।

 

 

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एक दशक से भी ज्यादा से पत्रकारिता में सकिय। संसद से लेकर दूर दराज के गांवो तक के पत्रकारिता का अनुभव। ग्रामीण समाज व जनसरोकार से जुड़े विषयों पर पत्र पत्रिकाओं में लेखन। अब पंचायत खबर के जरिये आपके बीच।

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