September 23, 2019

आचार संहिता के बावजूद निकाले रूपए…तीन एडीओ पंचायत पर मुकद्दमा दर्ज

पंचायत खबर टोली
मऊ : उत्तर प्रदेश में आगामी कुछ माह में विधानसभा होने वाले हैं। देश में नोटबंदी के जरिए काला धन से लड़ाई की खबरें जगह—जगह से आ रही हैं। इस बीच जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान नियुक्त प्रशासकों द्वारा 91,03,221 रुपये सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी व कूटरचना कर निकाले जाने के मामले में जांच के बाद न्यायालय ने तीन एडीओ पंचायतों पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया है। संबंधित ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, रोजगार सेवक व अन्य संबंधित कर्मी भी मुकदमे न्यायालय के निर्देशानुसार मुकदमे की जद में हैं।

panchayat1आरटीआई बना लड़ाई का हथियार
गांव बचाओ मोर्चा संयोजक बाल गोविंद द्वारा सूचना के अधिकार के माध्यम से मामला उठाए जाने के बाद प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर वह न्यायालय की शरण में गए। न्यायालय ने मामले पर संज्ञान लेते हुए उक्त निर्णय लिया है। गांव बचाओ मोर्चा जिला संयोजक बढुआगोदाम निवासी बालगोविंद सिंह ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव के दौरान प्रधानों का वित्तीय अधिकार प्रशासक एडीओ पंचायत को दे दिया गया। इस दौरान प्रधानों का मानदेय, प्रियासाफ्ट फीडिंग, खड़ंजा मरम्मत, नाली निर्माण तथा इंडिया मार्का हैंडपंप रिबोर दिखाकर लाखों रुपये का गबन किया गया।

panchayat-chunavअब न्यायालय तक पहुंची लड़ाई
गांव बचाओ मोर्चा द्वारा कलेक्ट्रेट पर लगातार धरना-प्रदर्शन किए जाने के बाद जिला प्रशासन द्वारा जांच में गलत पाए जाने के बाद भी उक्त अधिकारियों व संबंधित कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। तब बालगोविंद सिंह ने सीजेएम कोर्ट में इस बाबत जांच कराए जाने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कोपागंज प्रशासक द्वारा ग्राम निधि के खाते से 44,52,971 रुपये, दोहरीघाट द्वारा 01 लाख 22 हजार रुपये तथा रानीपुर ब्लाक प्रशासक द्वारा 45,28,250 रुपये उक्त कार्यों में दिखाकर भर्ती तरीके से धनराशि निकाल ली गई। जिला प्रशासन द्वारा जांच के बाद इस मामले पर पर्दा डाल दिया गया। न्यायालय ने प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए तीन ब्लाक के प्रशासकों सहित संबंधित ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, रोजगार सेवक व अन्य संबंधित लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।

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एक दशक से भी ज्यादा से पत्रकारिता में सकिय। संसद से लेकर दूर दराज के गांवो तक के पत्रकारिता का अनुभव। ग्रामीण समाज व जनसरोकार से जुड़े विषयों पर पत्र पत्रिकाओं में लेखन। अब पंचायत खबर के जरिये आपके बीच।

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