November 15, 2018

खेतों में बीज डालने से पहले बीजोपचार अति आवश्यक

पंचायत खबर टोली
मऊ : जैसा खेत वैसी फसल, जैसी बीज वैसी बानगी।किसान इस बात को बखूबी समझता है। इसलिए रबी का सीजन शुरू होते ही वह अपने खेतों की तैयारी में लग गया है। इन खेतों की तैयारी में किस तरह की सावधानियां बरती जायें, इसके लिए वैज्ञानिको ने भी कमर कस ली है। वे किसानो को हर कदम पर सलाह मशविरा देने को तत्पर हैं।

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शोधित बीज का करें इस्तेमाल
जी हां, रबी की मुख्य फसल गेहूं सहित किसानों को बुआई से पूर्व बीज उपचार अति आवश्यक है। यह कहना है कृषि वैज्ञानिकों का। इफको, पीसीएफ, डीसीएफ, बीज विकास निगम, सहकारिता विभाग सहित कृषि विभाग के केंद्रों पर मिलने वाले बीज पहले से ही शोधित होते हैं। इन बीजों का शोधन करने की अावश्यकता नहीं है। दूसरी ओर बाजार में उपलब्ध बीज शोधित नहीं होते हैं। इसके लिए कार्बेंडाजीम एवं थीरम की आवश्यकता होती है। सरकारी केंद्रों से इतर हजारों किसान बाजार से बीज तो खरीद लेते हैं लेकिन बिना उपचारित किए ही बो देते हैं। इससे फसल में अधिकांश रोग लगने की संभावना बनी रहती है।
क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक
जिला कृषि सलाहकार व कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. एनके सिंह बताते हैं कि बीज उपचार की दिशा में किसानों को अभी बहुत जागरुकता की आवश्यकता है। सरकारी व सहकारी केंद्रों से मिलने वाले बीज पूर्व में ही उपचारित होते हैं। इससे इतर बाजार से खरीदने वाले सभी बीजों को उपचार नितांत आवश्यक है। इसके साथ ही अपने घर पर रखे गए बीज का उपचार भी करना चाहिए। बहुधा किसान बिना उपचार के ही बीज की बुआई कर देते हैं। इससे फसल में रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है। गेंहू का बीजोपचार न होने की दशा में फाल्स स्मट, लूज स्मट या उकठा जैसे रोग लग जाते हैं। कार्बेंडाजीम या थीरम से बीज का उपचार करने के बाद ही किसान बुआई करें। इससे बीमारी लगने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है। डाॅ. सिंह ने बताया कि गेहूं सहित सभी फसल की बुआई से पूर्व बीज का उपचार अवश्य करें।

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भराई के बाद खेत की करें जुताई
डाॅ. सिंह ने बताया कि बहुतेरे किसानों द्वारा गेहूं की बोआई के लिए खेत की भराई की गई है। ठंडा हो रहे मौसम में ऐसे खेतों का निखार देर से होगा। ऐसे में सिंचाई वाले खेत को कल्टीवेटर से हल्की जुताई करा देना चाहिए। जोताई के बाद इस खेत के निखार में तेजी आएगी। गेहूं के बीज व उवर्रक छिड़काव के बाद रोटावेटर से खेत को पलेवा कराएं। इससे जमाव में आशातीत वृद्धि होगी।

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एक दशक से भी ज्यादा से पत्रकारिता में सकिय। संसद से लेकर दूर दराज के गांवो तक के पत्रकारिता का अनुभव। ग्रामीण समाज व जनसरोकार से जुड़े विषयों पर पत्र पत्रिकाओं में लेखन। अब पंचायत खबर के जरिये आपके बीच।

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